सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से पूछा- क्या कलबुर्गी, दाभोलकर, लंकेश और पनसारे की हत्या के जुड़े हैं तार? हों तो एक ही एजेंसी क्यों करे जांच?

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से जवाब दाखिल करने के लिए कहा है कि क्या कलबुर्गी की हत्या के संबंध गौरी लंकेश, नरेंद्र दाभोलकर और गोविंद पनसारे की हत्याओं के साथ है।

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि यदि सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर, गोविंद पनसारे, पत्रकार गौरी लंकेश और तर्कवादी एम एम कलबुर्गी की हत्याओं के तार एक दूसरे से जुड़े हैं तो एक एजेंसी सभी चार मामलों की जांच कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई को जवाब देने के लिए कहा है। कोर्ट ने सीबीआई से इस मुद्दे पर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है कि क्या कलबुर्गी की हत्या के संबंध गौरी लंकेश, नरेंद्र दाभोलकर और गोविंद पनसारे की हत्याओं के साथ है।

@ANI
MM Kalburgi murder case: Supreme Court today asked Central Bureau of Investigation (CBI) to file a reply as to, is there any link, prima facie, between the alleged murder of Kalburgi and three other murders of Gauri Lankesh, Narendra Dabholkar and Govind Pansare.

न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की पीठ साल 2015 में धारवाड़ में हुई तर्कवादी कलबुर्गी की हत्या से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही है। पीठ ने सीबीआई से कहा है कि वो जनवरी के पहले हफ्ते तक बताए कि यदि इन सभी हत्याओं के पहलू एक दूसरे से जुड़ते दिखाई देते हैं तो सभी चार मामलों की जांच एक साथ क्यों नहीं करनी चाहिए?

सुनवाई के दौरान पुलिस की रिपोर्ट देखने के बाद कोर्ट ने कहा कि पत्रकार गौरी लंकेश और कलबर्गी की हत्याओं के बीच लिंक प्रतीत होता है। कोर्ट ने गोविंद पनसारे हत्या मामले में जांच की स्थिति के बारे में महाराष्ट्र सरकार के वकील से पूछा तो वकील ने कहा कि मामले की सुनवाई कोहलापुर अदालत के समक्ष लंबित था।

इससे पहले कर्नाटक पुलिस ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दिया था कि पत्रकार गौरी लंकेश और तर्कवादी एमएम कलबुर्गी की हत्या के मामलों के बीच कुछ तो संबंध प्रतीत होता है। राज्य की पुलिस ने कोर्ट को यह भी बताया था कि कलबुर्गी की हत्या मामले में वह तीन महीने के भीतर आरोप पत्र पेश करेगी।

बता दें कि 26 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि वह जांच में कुछ नहीं, बस, दिखावा कर रही है। साथ ही कोर्ट ने संकेत दिया था कि वह मामले को बॉम्बे हाई कोर्ट को स्थानांतरित कर सकती है।