सुंदर पिचाई से सवाल- Idiot सर्च करते ही Google क्यों दिखाता है ट्रंप की तस्वीर?

गूगल सीईओ ने कहा कि ‘किसी एक व्यक्ति या किसी ग्रुप द्वारा भी ऐसा करना संभव नहीं है, क्योंकि इस प्रक्रिया में कई स्टेप से गुजरना होता है।’

जनसत्ता ऑनलाइन के अनुसार सर्च इंजन गूगल का एल्गोरिदम कैसे काम करता है? और डाटा गोपनियता के उल्लंघन के मुद्दे से जुड़े सवालों के जवाब देने के लिए गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई मंगलवार को अमेरिकी संसद की ज्यूडिशरी कमेटी के सामने पेश हुए। इस दौरान अमेरिकी सांसदों ने सुंदर पिचाई के सामने जिन सवालों को रखा, उनमें एक सवाल ये भी था कि ‘गूगल पर Idiot सर्च करने पर गूगल तस्वीरों के सेक्शन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर क्यों दिखाता है?’ डेमोक्रेटिक पार्टी की एक सांसद ने सुंदर पिचाई से सवाल किया कि ‘यदि आप गूगल पर Idiot शब्द सर्च करते हैं तो तस्वीरों में डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर दिखाई देती है। ऐसा कैसे होता है?’ एक अमेरिकी सांसद ने तो संसद में ही गूगल पर इडियट सर्च किया तो तभी भी डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरें खुलकर सामने आ गईं!

इस सवाल के जवाब में सुंदर पिचाई ने अमेरिकी संसद को बताया कि गूगल का सर्च एल्गोरिदम कैसे काम करता है और सर्च का रिजल्ट देने के लिए 200 के करीब फैक्टर काम करते हैं। इनमें मिलता-जुलता टॉपिक, पॉप्यूलैरिटी आदि का विश्लेषण करने के बाद सबसे बेस्ट रिजल्ट दिखाया जाता है। पिचाई के इस जवाब पर अमेरिकी सांसद जोफग्रेन ने कहा कि इसका मतलब ये है कि पर्दे के पीछे कोई व्यक्ति नहीं बैठा है, जो ये सब तय नहीं कर रहा है कि यूजर्स को क्या दिखाया जाए! ये एक तरह से यूजर्स द्वारा तैयार किए गए डाटा के संकलन के आधार पर सबसे उचित जानकारी देना है। बता दें कि कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने गूगल पर आरोप लगाया है कि “गूगल के कर्मचारी राजनैतिक कारणों से नतीजों में हेर-फेर कर प्रस्तुत करते हैं।”

हालांकि रिपब्लिक पार्टी के सांसदों के इन आरोपों से गूगल सीईओ ने इंकार किया और कहा कि ‘किसी एक व्यक्ति या किसी ग्रुप द्वारा भी ऐसा करना संभव नहीं है, क्योंकि इस प्रक्रिया में कई स्टेप से गुजरना होता है।’ हालांकि रिपब्लिकन सांसद पिचाई के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। रिपब्लिकन सांसदों ने उनकी सरकार द्वारा लागू की गईं हेल्थ केयर बिल और जीओपी टैक्स कट्स जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया, जिन्हें गूगल पर सर्च करने पर नकारात्मक लेखों की श्रंख्ला दिखाई पड़ती है। इस पर पिचाई ने रिपब्लिकन सांसदों को आश्वस्त किया और कहा कि उनकी कंपनी जल्द ही ऐसी किसी भी समस्या को जल्द दूर कर देगी।

भारतीय मूल की पहली महिला सांसद प्रमिला जयपाल भी इस दौरान अमेरिकी संसद में मौजूद थीं। भारतीय-अमेरिकी महिला सांसद प्रमिला जयपाल ने संसद की सुनवाई के दौरान गूगल के सीईओ से कहा कि ‘मैं इस मौके का फायदा उठाते हुए यह बताना चाहूंगी कि मैं भारत के उसी हिस्से में जन्मी हूं जहां आपका जन्म हुआ था। आपको कम्पनी का नेतृत्व करता देख काफी खुश हूं और वह भी अफवाहों के बावजूद यह दिखाते हुए कि प्रवासी इस देश को बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं। शुक्रिया पिचाई।’ बता दें कि पिचाई (46) का जन्म चेन्नई में हुआ था। उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से स्रातक की उपाधि प्राप्त कर वर्ष 2004 में गूगल के साथ काम करना शुरू किया और वर्ष 2015 में कंपनी के सीईओ बने। वहीं प्रमिला (53) जयपाल का जन्म भी चेन्नई में हुआ था और वह बतौर छात्र अमेरिका आईं। दोनों ही एच-1बी वीजा प्राप्त कर अमेरिका गए फिर ग्रीन कार्ड हासिल किया और फिर अमेरिकी नागरिकता हासिल की।