राजिस्थान: बीजेपी को इतना तगड़ा झटका, भारत के इकलौते ‘गाय मंत्री’ भी हार गए इलेक्शन

ओटाराम को राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर आई कांग्रेस के प्रत्याशी ने नहीं बल्कि निर्दलीय उम्मीदवार ने हराया है। बीजेपी प्रत्याशी ओटाराम को 71019 जबकि निर्दलीय प्रत्याशी संयम को 81272 वोट मिले।

जनसत्ता ऑनलाइन के अनुसार भारतीय जनता पार्टी में पांच राज्यों में आए विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद से सन्नाटा पसरा है। बीजेपी अपने तीनों बड़े राज्य मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान हार गई है। कई बड़े नामों के वाबजूद पार्टी संख्या बल नहीं ला पाई। इनमें से एक भारत के इकलौते ‘गाय मंत्री’ ओटाराम देवासी भी अपनी सिरोही सीट हार गए। ओटाराम 10 हजार वोटों के अंतर से हारे। ओटाराम को राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर आई कांग्रेस के प्रत्याशी ने नहीं बल्कि निर्दलीय उम्मीदवार ने हराया है। बीजेपी प्रत्याशी ओटाराम को 71019 जबकि निर्दलीय प्रत्याशी संयम को 81272 वोट मिले।

दरअसल, पिछली बार चुनकर आई भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने चुनावों से पहले ही गाय मंत्रालय बनाने का ऐलान अपने घोषणापत्र में किया था। वसुंधरा सरकार के गठन के बाद ओटाराम देवासी को गाय मंत्रालय सौंप दिया गया। देश के किसी भी राज्य में ऐसा पहली बार हुआ था जब गाय मंत्रालय बनाया गया हो। लेकिन चुनाव नतीजे में ओटाराम अपनी सिरोही सीट से चुनाव हार गए। इसके अलावा राजस्थान में बीजेपी के करीब 20 मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा।

ओटाराम ने नई सम्पत्ति खरीदने पर 20 प्रतिशत सरचार्ज भी लगाया था। इसे ‘गाय कर’ नाम दिया गया था। इस नए टैक्स के पीछे मकसद गायों के लिए धन इकट्ठा करना था। हालांकि सरकार द्वारा ऐलान और दावे के बाद भी राज्य में गायों की स्थिति नहीं सुधरी। 2016 में ही राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे गौाशालाओं में 500 गायों की मौत हो गई थी। इसके बाद अगस्त 2018 में 28 गायों की जान चली गई थी। इसके बाद स्थिति को संभालने के लिए राज्य में गौहत्या पर 10 साल जेल की सजा का ऐलान किया गया।

चुनावों के लिए एक्टिव मोड पर रहने वाली बीजेपी को अपने पुराने वादों को दोहराने के बावजूद हार का मुंह देखना पड़ा। राजस्थान में भाजपा ने गौहत्या पर और सख्त नियम बनाने की बात कही थी। इसके साथ ही कैंपेन में गौशालाओं के लिए ज्यादा फंड देने को भी कहा गया था। इसके बावजूद जनता ने कांग्रेस को संख्या बल सौंप दिया।