रायबरेली: पीएम मोदी की जनसभा में नहीं जुटी भीड़, सीएम योगी देते रहे भाषण, खाली पड़ी रहीं कुर्सियां!

रैली के दौरान दूर तक काफी मात्रा में सीटें खाली पड़ी हुई थींं। रैली को लेकर लोगों में वह उत्साह भी नजर नहीं आया जो आमतौर पर मोदी की रैलियों में देखा जाता है। यही कारण रहा कि प्रधानमंत्री की रैली को तय समय से एक घंटा देरी से शुरू किया गया

जनसत्ता ऑनलाइन के मुताबिक यूपीए संरक्षक और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के गढ़ रायबरेली में रैली करने पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी का जादू यहां फीका रहा। रैली में न अपेक्षाकृत भीड़ जुट सकी न वो उत्साह दिखाई दिया। प्रधानमंत्री की इस रैली को भाजपा के चुनावी अभियान का आगाज माना जा रहा था इसलिए भाजपा नेताओं ने इसके लिए पूरा दम लगा दिया था, लेकिन रैली में खाली पड़ी कुर्सियां कुछ और ही कहानी कह रही थींं। पीएम मोदी की रैली के दौरान रायबरेली में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब भाषण दे रहे थे तो वहां की कुर्सियां खाली पड़ी रही। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी रेल कोच फैक्ट्री का लोकार्पण करने के लिए रायबरेली पहुंचे थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला रायबरेली दौरा था इसलिए भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए एडी चोटी का जोर लगा दिया था। मोदी के कार्यक्रम को लेकर भाजपा नेताओं की सजगता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि खुद मुख्यमंत्री योगी इस पूरे आयोजन की मॉनिटरिंग कर रहे थे। तमाम प्रशासनिक महकमा भी इस आयोजन को सफल बनाने के लिए दिन रात लगा हुआ था। लेकिन रैली के दौरान भीड़ की स्थिति देखकर आसानी से अंदाजा लगाया सकता था कि या तो भाजपा नेताओं ने तैयारियां मजबूत ढंग से नहीं की या ‌फिर प्रधानमंत्री मोदी का जादू आम जनता में हल्का पड़ने लगा है। रैली के दौरान दूर तक काफी मात्रा में सीटें खाली पड़ी हुई थींं। रैली को लेकर लोगों में वह उत्साह भी नजर नहीं आया जो आमतौर पर मोदी की रैलियों में देखा जाता है। यही कारण रहा कि प्रधानमंत्री की रैली को तय समय से एक घंटा देरी से शुरू किया गया, लेकिन तब तक भी भीड़ नहीं जुट सकी। प्रधानमंत्री मोदी के मंच पर रहने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य नेताओं ने भी भाषण दिया लेकिन तब तक भी पंडाल औेर खाली पड़ी कुर्सियां नहीं भर सकी। नतीजतन प्रधानमंत्री मोदी को भी उस आधी अधूरी भीड़ के बीच ही अपना भाषण देना पडा। स्‍थानीय पत्रकार उपेन्द्र सिंह ने बताया कि रायबरेली में जिस तरह सोनिया गांधी की रैलियों में भीड़ जुटती है वो नजारा प्रधानमंत्री मोदी की रैली में नजर नहीं आया।

इस रैली में पीएम मोदी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “आज देश के सामने दो पक्ष हैं। एक पक्ष सरकार का, जो हर तरह से कोशिश कर रही है कि हमारी सेना की ताकत बढ़े। दूसरा पक्ष उन ताकतों का है, जो किसी भी कीमत पर देश को कमजोर करना हैं। देश देख रहा है कि कांग्रेस उन ताकतों के साथ खड़ी है जो हमारी सेनाओं को मजबूत नहीं होने देना चाहतीं। ऐसे लोगों के लिए देश का रक्षा मंत्रालय भी झूठा है, देश की रक्षा मंत्री भी झूठी हैं, भारतीय वायुसेना के अफसर भी झूठे हैं, फ्रांस की सरकार भी झूठी है, अब तो उन्हें देश की सर्वोच्च अदालत भी झूठी लगने लगी है।”
पीएम ने आगे कहा, “करगिल युद्ध के बाद हमारी वायुसेना ने आधुनिक विमानों की जरूरत बताई थी। अटल जी की सरकार के बाद कांग्रेस ने 10 साल देश पर राज किया, लेकिन वायुसेना को मजबूत नहीं होने दिया। आखिर क्यों? किसके दबाव में? रक्षा सौदों के मामले में कांग्रेस का इतिहास बोफोर्स घोटाले वाले क्वात्राकी मामा का रहा है। हेलीकॉप्टर घोटाले के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल को पकड़कर कुछ दिन पहले ही भारत लाया गया है।”

मोदी ने कहा, “सभी ने ये देखा है कि कैसे इस आरोपी के बचाने के लिए कांग्रेस ने अपना वकील अदालत में भेज दिया। मैं कांग्रेस से जानना चाहता हूं कि क्या वो इसलिए भड़की हुई है, झूठ पर झूठ बोल रही है क्योंकि भाजपा सरकार जो रक्षा सौदे कर रही है, उसमें कोई क्वात्रोकी मामा नहीं है, क्रिश्चियन मिशेल नहीं है? क्या इसलिए वो अब न्यायपालिका पर अविश्वास का माहौल पैदा करने में जुट गई है? कांग्रेस के पास इस बात का क्या जवाब है कि जब वो दस साल तक सत्ता में रही, तो क्यों उसने स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को लागू नहीं किया? इस बात का जवाब कांग्रेस कभी नहीं देगी और न ही उसका बनाया इकोसिस्टम उससे कभी ये जवाब मांगेगा।”