GST पर प्रधानमंत्री को इस तरह का ऐलान करने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है: जीएसटी की एम्पावर्ड कमेटी चेयरमैन

नई दिल्ली में चल रहे ‘एजेंडा आजतक’ के इस सेशन में आर्थिक सुधारों पर 18 दिसंबर को जमकर बहस हुई.

बहस के दौरान पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा और कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा सरकार के आर्थिक सुधार बिलकुल असरदार साबित नहीं हुए. इस पर नागरिक उड्ययन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने सरकार का पक्ष रखा.

बहस का रुख राजदीप ने अमित मित्रा की ओर किया. उनसे पूछा कि क्या वाकई आप लोगों (नेताओं) के पास इस (रोजगार) समस्या का कोई साल्यूशन है? जवाब देते हुए पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री ने कहा कि बंगाल में हमारी सरकार आने के बाद किसानों की आमदनी बढ़ी है. पहले किसानों की आमदनी 90 हजार रुपए सालाना थी. ये बढ़कर अब 2 लाख 98 करोड़ रुपए हो चुकी है. हमारी सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए डिमांड की तरफ ध्यान दिया. अब बाकी राज्यों से लोग देखने आ रहे हैं. ये जादू कैसे हुआ? नोटबंदी और जीएसटी से नुकसान हुआ.

इस पर राजदीप ने अमित मित्रा को घेरते हुए कहा कि ये आप कह रहे हैं, जबकि आप जीएसटी काउंसिल में हैं. इस पर अमित मित्रा ने कहा,

‘हमने इसके लिए मना किया था. बिना तैयारी के जुलाई 2017 में इसको लांच नहीं करना चाहिए था. सिस्टम का न टेस्ट हुआ. न टेस्ट रन हुआ. अब कंप्यूटर काम नहीं कर रहे हैं. अब दिक्कत हो रही है. जीएसटी से हवाला हो रहा है. अगर आप इनवाइस अपलोड नहीं करोगे, तो इनपुट क्रेडिट का लाभ कैसे मिलेगा. मैं दावे के साथ कह रहा हूं इसमें गड़बड़ है. इस तरह तो ब्लैक मनी क्रिएट होगी.’

उनका जवाब देते हुए जयंत सिन्हा कहा कि मित्रा साहब जीएसटी काउंसिल में हैं. उनको जो भी सुधार जरूरी लगते हैं, उनको वहां चर्चा करनी चाहिए. जीएसटी काउंसिल में सहमति बनाकर काम होता है. उनकी जो आपत्तियां हैं, उनको ठीक करने का प्रयास किया जाएगा.

इस बीच राजदीप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भाषण का जिक्र करते हुए सवाल किया कि उन्होंने जीएसटी में रेट कम करने का भरोसा दिया है लोगों को. इस पर अमित मित्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस तरह का ऐलान करने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है. रेट तय करने के लिए प्रधानमंत्री नहीं कह सकते हैं. तब राजदीप ने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने को कहा-इस पर अमित मित्रा ने कहा कि सरकार में बैठे लोग पटली खा जाते हैं.