काकोरी कांड के शहीदो को श्रद्धाञ्जली अर्पित की गई

  •  केसी सोनकर
  •      आज उत्तर प्रदेश किसान यूनियन सभा की जिला इकाई रायबरेली द्वारा काकोरी कांड के शहीदो की स्मृति में श्रद्धाञ्जली समारोह का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता राजेश यादव ने की, आयोजको ने इस कांड में शहीद हुए राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खाँ व रोशन सिंह को पुष्पाञ्जली अर्पित की।
  • इस अवसर पर फीरोज गाँधी कालेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. राम बहादुर वर्मा ने कहा कि 19 दिसम्बर सन् 1927 को क्रान्तिकारी संगठन से जुड़े हुए राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खाँ व रोशन सिंह ने जिन आदर्शो के लिए फांसी का फंदा चुना था उन्हे पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धाञ्जली है। इन शहीदों ने ऐसे समाज की स्थापना का सपना देखा था जिसमें मनुष्य द्वारा मनुष्य का शोषण नही होगा। प्रमुख उद्योग धंधों पर राज्य का अधिकार होगा। यह एक प्रकार से समाजवादी व्यवस्था होगी। राम प्रसाद बिस्मिल ने अपनी आत्मकथा में नौजवानो को को संदेश दिया है कि उन्हे रिवाल्वर व पिस्तौल रखने की इच्छा त्यागकर सच्चे देश सेवक बनें और वास्तविक साम्यवादी बनें। किसानो व मजदूरों को एकजुट कर उन्हे जमींदारों व रईसों के अत्याचारों से मुक्त कराएं।
  • माकपा के जिलामंत्री रामदीन विश्वकर्मा ने कहा कि काकोरी के शहीदों के बाद क्रांन्तिकारी आंदोलन बिखर गया, फिर इसका रूपान्तरण हिन्दुस्तानी समाजवादी प्रजातांत्रिक संघ में हुआ जिसके अगुवा चन्द्रशेखर आजाद व भगत सिंह थे। कामरेड रामचन्द्र वर्मा ने कहा कि हमें बिस्मिल की इच्छानुसार किसानों को संगठित करके इन्हे संघर्ष का पाठ पढ़ाना चाहिए। इस अवसर पर राधेश्याम तिवारी, रादेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव, शिवप्रसाद शर्मा, जगदीश यादव, रामदेव, सुरेन्द्र सिंह, जवाहर गुप्ता आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।