सर्वे: योगी आदित्यनाथ के खिलाफ असंतोष बढ़ा, तेजी से गिरी लोकप्रियता, अखिलेश को बढ़त

सर्वे में 35 फीसदी लोगों ने साफ तौर पर कहा कि वे लोग योगी आदित्यनाथ के कामकाज से खुश नहीं हैं। सर्वे में 32 फीसदी लोगों ने यूपी में बेरोजगारी को बड़ा मुद्दा बताया है।

जनसत्ता ऑनलाइन के मुताबिक पांच राज्यों के विधान सभा चुनाव के नतीजों से परेशान भाजपा के लिए एक और सर्वे के नतीजे परेशान करने वाले हैं। पार्टी के फायर ब्रांड नेता और स्चार प्रचारकों में शामिल रहे उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ राज्य में असंतोष बढ़ गया है। आलम यह है कि तीन महीने के अंदर उनकी लोकप्रियता में पांच फीसदी की गिरावट आई है। एक्सिस माई इंडिया और इंडिया टुडे के सर्वे पॉलिटिकल स्टॉक एक्सचेंज डेटा के मुताबिक दो साल के योगी शासनकाल में उनके खिलाफ एंटी इनकम्बेंसी फैक्टर बढ़ गया है। सर्वे के मुताबिक 35 फीसदी लोगों ने उनके कामकाज पर असंतोष जताया है। तीन महीने पहले सितंबर 2018 में जब सर्वे किए गए थे तब 43 फीसदी लोगों की पसंद के तौर पर योगी आदित्यनाथ थे लेकिन अब उनकी लोकप्रियता का ग्राफ गिरकर दिसंबर के तीसरे हफ्ते तक 38 फीसदी पर आ गया है।

उधर, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की लोकप्रियता में उछाल आया है। तीन महीने पहले उन्हें सीएम को तौर पर 29 फीसदी लोगों ने पसंद किया था जो अब आठ फीसदी बढ़कर 37 फीसदी हो गया है। यानी मौजूदा मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के बीच लोकप्रियता में मात्र एक फीसदी का अंतर रह गया है। हालांकि, पूर्व सीएम और बसपा सुप्रीमो मायावती की लोकप्रियता में तीन फीसदी की कमी आई है। तीन महीने पहले वो 18 फीसदी लोगों की पसंद थी जो अब 15 फीसदी पर आ गया है।

पीएसई डेटा की तुलना जब उन तीन राज्यों से की गई, जहां भाजपा ने सत्ता गंवाई है तो पता चला कि तीन कार्यकाल के बाद भी शिवराज सिंह चौहान और रमन सिंह की लोकप्रियता इतनी नहीं घटी जितनी दो साल के अंदर ही योगी आदित्यनाथ की घटी है। नवंबर में एमपी में सीएम के तौर पर शिवराज सिंह चौहान 44 फीसदी लोगों की पसंद थे जबकि छत्तीसगढ़ में रमन सिंह भी इतने ही लोगों की पसंद थे। राजस्थान में वसुंधरा भी 31 फीसदी लोगों की सीएम पसंद थीं।

सर्वे में 35 फीसदी लोगों ने साफ तौर पर कहा कि वे लोग योगी आदित्यनाथ के कामकाज से खुश नहीं हैं। सर्वे में 32 फीसदी लोगों ने यूपी में बेरोजगारी को बड़ा मुद्दा बताया है। इसके अलावा महंगाई को 21 फीसदी, खेतीबारी और किसानों के संकट को 17 फीसदी और हिन्दू-मुस्लिम टकराव को 9 फीसदी लोगों ने बड़ी समस्या बताया है।

उत्तर प्रदेश में बीजेपी के खिलाफ लहर, योगी-मोदी की लोकप्रियता में जबरदस्त गिरावट, सरकार के काम से नाराजगी बढ़ी-सर्वे

उत्तर प्रदेश से बीजेपी के लिए बुरी खबर है। देश के सबसे बड़े राज्य में सत्ता विरोधी रूझान में तेज़ी आई है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता तेज़ी से गिरी है। वहीं यूपी के लोग बेरोजगारी और महंगाई के चलते सरकार के कामकाज से बेहद नाराज हैं। यह खुलासा हुआ है एक न्यूज चैनल के सर्वे में।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देश के तीन हिंदी भाषी राज्यों में हार पहले से ही घबराई हुई बीजेपी के लिए उस राज्य से बुरी खबर है, जहां से 2014 में उसे सत्ता का रास्ता मिला था। हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश की। एक न्यूज चैनल ने दिसंबर के तीसरे सप्ताह में उत्तर प्रदेश में सरकार और मुख्यमंत्री की लोकप्रियता के साथ ही अहम मुद्दों पर लोगों के बीच सर्वे किया है। इस सर्वे के नतीजे सामने आने से बीजेपी खेमे में हड़बड़ी सी है।