सफलता का श्रेय सब लेते हैं लेकिन विफलता में कोई साथ नहीं होता : नितिन गडकरी

हाल ही में महाराष्ट्र के प्रमुख किसान नेता ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और महासचिव भैयाजी सुरेश जोशी को पत्र लिखकर कहा था कि अगर भाजपा 2019 का चुनाव जीतना चाहती है तो ‘अहंकारी’ मोदी को हटाकर ‘विनम्र’ नितिन गडकरी को उनकी जगह ले आए।

जनसत्ता ऑनलाइन के मुताबिक तीन हिंदी भाषी राज्यों में हाल में भाजपा की हार के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार (22 दिसंबर) को कहा कि ‘‘नेतृत्व’’ को ‘‘हार और विफलताओं’’ की भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। साफगोई के लिये र्चिचत भाजपा नेता ने कहा कि सफलता की तरह कोई विफलता की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता। गडकरी ने कहा, ‘‘सफलता के कई दावेदार होते हैं लेकिन विफलता में कोई साथ नहीं होता। सफलता का श्रेय लेने के लिये लोगों में होड़ रहती है लेकिन विफलता को कोई स्वीकार नहीं करना चाहता, सब दूसरे की तरफ उंगली दिखाने लगते हैं।’’ वह यहां पुणे जिला शहरी सहकारी बैंक असोसिएशन लिमिटेड द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। 21 दिसंबर को गडकरी ने कहा था कि ”सपने देखने लोगों को अच्‍छे लगते हैं पर दिखाए हुए सपने जब पूरे नहीं होते हैं तो उन नेताओं की लोग पिटाई भी करते हैं।

हाल ही में महाराष्ट्र के प्रमुख किसान नेता व वसंतराव नाईक शेटी स्वावलंबन मिशन (VNSSM) के अध्यक्ष किशोर तिवारी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत और महासचिव भैयाजी सुरेश जोशी को पत्र लिखा था। तिवारी ने कहा था कि अगर भाजपा 2019 का चुनाव जीतना चाहती है तो ‘अहंकारी’ मोदी को हटाकर ‘विनम्र’ नितिन गडकरी को उनकी जगह ले आए।

खबर सामने आने के अगले दिन भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह ने ‘रिपब्लिक टीवी’ के कार्यक्रम में कहा था कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही 2019 का चुनाव लड़ेगी। उन्‍होंने कहा, “नेतृत्व में बदलाव का प्रश्न ही नहीं उठता। मोदीजी के नेतृत्व में ही राजग 2019 का चुनाव लड़ेगी।”