पश्चिम बंगाल: रथ यात्रा पर बीजेपी फिर निराशा, सुप्रीम कोर्ट ने जल्‍द सुनवाई से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा द्वारा रथ यात्रा पर जल्द से जल्द सुनवाई करने की अपील को ठुकरा दिया है।

पश्चिम बंगाल में जल्‍द से जल्‍द रथ यात्रा निकालने की जुगत में जुटी बीजेपी को सुप्रीम कोर्ट से भी निराशा ही हाथ लगी है। शीर्ष अदालत ने भाजपा की अर्जी पर जल्‍द सुनवाई से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट रजिस्‍ट्रार ने बीजेपी की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें कोर्ट की अवकाश पीठ समक्ष इस मामले को लिस्‍ट करने का आग्रह किया गया था। बता दें कि कलकत्‍ता हाई कोर्ट की मुख्‍य न्‍यायाधीश की पीठ ने पश्चिम बंगाल सरकार की अर्जी पर सिंगल बेंच के आदेश पर रोक लगाते हुए मामले को पुनर्विचार के लिए लौटा दिया था। हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने बीजेपी को रथ यात्रा निकालने की अनुमति दे दी थी। चीफ जस्टिस के आदेश के बाद बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

भाजपा की याचिका की पैरवी कर रहे वकील ने कहा था कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट द्वारा सूचित किया गया है कि यह मामला सामान्य मामले की तरह दर्ज किया जाएगा। कोर्ट जाड़े की छुट्टी के लिए बंद हो गया। यह एक जनवरी तक बंद है। पार्टी, जिसने याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए आग्रह किया था, उसने पश्चिम बंगाल के तीन जिलों में रथ यात्रा शुरू करने की पूरी योजना तैयार कर ली थी।

दरअसल, भाजपा ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत ये रथ यात्रायें आयोजित करना चाहती है। 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा इस रथ यात्रा के माध्यम से पश्चिम बंगाल के 42 संसदीय क्षेत्रों में पहुंचने का प्रयास कर रही है। भाजपा के मूल कार्यक्रम के तहत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बंगाल के कूच बिहार जिले से सात दिसंबर को इस रैली की शुरूआत करने वाले थे। इसके बाद यह रथयात्रा नौ दिसंबर को दक्षिणी 24 परगना के काकद्वीप और 14 दिसंबर को बीरभूम में तारापीठ मंदिर से शुरू होनी थी।