10 लाख से ज्यादा बैंक कर्मचारी हड़ताल पर, सरकारी बैंकों के विलय का विरोध और वेतन बढ़ोतरी की कर रहें मांग

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन की अपील पर आज सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के करीब 10 लाख कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। ऐसे में कामकाज प्रभावित होने की संभावना है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन की अपील पर आज सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के करीब 10 लाख कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। ऐसे में कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। इस हड़ताल में कर्मचारियों की 4 और अधिकारियों की 5 यूनियन शामिल हैं। बता दें कि यह हड़ताल विजया बैंक और देना बैंक के बैंक आफ बड़ौदा में प्रस्तावित विलय के खिलाफ और वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर बुलाई गई है। बता दें कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन नौ बैंक यूनियनों का संगठन है।

इस हड़ताल को लेकर नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स के उपाध्यक्ष अश्विनी राणा का कहना है कि पुराने निजी बैंक जो यूनियन से जुड़े हैं उनमें कामकाज नहीं होगा। इनमें फेडरल, कर्नाटका, करुर वैश्य, धनलक्ष्मी, लक्ष्मीविलास बैंक आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी बैंकों के विलय के विरोध में और वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर कर्मचारियों ने हड़ताल का फैसला लिया। गौरतलब है कि एक सप्ताह से भी कम समय में यह दूसरी बैंक हड़ताल है। इससे पहले बैंक अधिकारियों की यूनियन ने प्रस्तावित विलय और वेतन संशोधन के मुद्दे पर 21 दिसंबर को भी हड़ताल की थी। जिसके बाद आज फिर सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के करीब 10 लाख बैंक कर्मचारी आज हड़ताल पर हैं।

बता दें कि सरकार ने बैंक ऑफ बड़ौदा, देना बैंक और विजया बैंक के विलय का फैसला लिया है। जिसका कर्मचारी संघ विरोध कर रहे है। नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स के अनुसार बैंकों में पब्लिक का भी शेयर है। इसलिए, सरकार कोई फैसला अपने आप नहीं ले सकती। कर्मचारी संघो ने आरोप लगाया है कि बैंकों के घाटे के लिए सरकार जिम्मेदार है। पिछले पांच दिनों में बैंको में छुट्टी और हड़ताल के चलते सिर्फ एक दिन ही काम हुआ है।

बता दे कि यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) नौ बैंक यूनियनों का संगठन है। इसमें आल इंडिया बैंक आफिसर्स कनफेडरेशन (एआईबीओसी), आल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन (एआईबीईए), नेशनल कनफेडरेशन आफ बैंक एंप्लाइज (एनसीबीई) और नेशनल आर्गेनाइजेशन आफ बैंक वर्कर्स (एनओबीडब्ल्यू) आदि यूनियनें शामिल हैं।