बोगीबील पुल का उद्घाटन: आधारशिला रखने वाले देवगौड़ा ने कहा, ‘‘अय्यो रामा! कौन मुझे याद करेगा?

देश के सबसे लंबे रेल सड़क पुल के उद्घाटन के अवसर पर न बुलाए जाने पर पूर्व प्रधानमंत्री और जेडी(एस) सुप्रीमो एचडी देवगौड़ा ने नाराजगी व्यक्त की है। दरअसल प्रधानमंत्री रहते हुए देवगौड़ा ने ही असम के बोगीबील पुल की आधारशिला रखी थी। ब्रह्मपुत्र नदी पर बोगीबील में 5,900 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुए 4.9 किलोमीटर लंबे पुल का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (25 दिसंबर) को उद्घाटन किया। पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा ने 1997 में इस पुल की आधारशिला रखी थी। देवगौड़ा ने कहा, ”कश्मीर के लिए रेलवे लाइन, दिल्ली मेट्रो और बोगीबील रेल सड़क पुल उन परियोजनाओं में से हैं जिनको प्रधानमंत्री रहते हुए मैंने मंजूरी दी थी। मैंने इनमें से हर परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी थी और उनकी आधारशिला रखी थी। आज लोग भूल गए हैं।” पूर्व प्रधानमंत्री ने ये बातें एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहीं। पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि क्या उन्हें कार्यक्रम में बुलाया गया था? इस पर देवगौड़ा ने कहा, ‘‘अय्यो रामा! कौन मुझे याद करेगा? कुछ अखबारों ने शायद इसका जिक्र किया हो।’’

पुल बनने में हुई देरी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘यहां पर मैं सहमत नहीं हूं। मैंने हासन-मैसुरु परियोजना को 13 महीने में पूरा किया। मैंने दो पुलों का निर्माण कार्य समय पर पूरा किया। अनगवाड़ी पुल (घाटप्रभा पर पुल) और कृष्णा नदी पर बने पुल को आप जाकर देख सकते हैं।’’ उन्होंने यह भी कहा कि बॉम्बे कर्नाटक मंडल के कुछ लोग कहते हैं कि देवगौड़ा ने उत्तर कर्नाटक मंडल के लिए कुछ भी नहीं किया, आप वहां जाइए और देखिए।

बता दें कि इस पुल के शुरू होने से असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच की दूरी कम समय में तय की जा सकती है। कहा जा रहा कि इस पुल से सफर करने पर कम से कम 4 घंटे का समय बचाया जा सकता है और 170 किलोमीटर का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। दिल्ली से डिब्रीगढ़ जाने वाली ट्रेन का सफर अब 3 घंटे कम हो जाएगा। इसी के साथ पूर्वी रीजन में सुरक्षाबलों के आवागमन में आसानी होगी।