योगी के मंदिर में दलितों को नो एंट्री? चैनल के स्टिंग पर भड़के बीजेपी प्रवक्ता, दी राजनीति छोड़ने की चुनौती

इंडिया टुडे के स्टिंग पर यूपी के बीजेपी प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा- “ये मैनेज्ड स्टिंग है और झूठा खुलासा। गोरखनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी कमलनाथ जी दलित हैं। भंडारे के कुल 12 रसोइयों में से 7 दलित हैं। गोरक्षपीठ के देवीपाटन मंदिर के मुख्य पुजारी महंत मिथिलेश जी भी दलित हैं।”

जनसत्ता ऑनलाइन के अनुसार चैनल ने अपने स्टिंग में गोरखनाथ धाम मंदिर में दलितों से भेदभाव का आरोप लगाया है.

गोरखनाथ धाम मंदिर पर इंडिया टु़डे के एक स्टिंग ऑपरेशन पर विवाद छिड़ गया है। चैनल ने गोरखनाथ मंदिर में दलितों के प्रवेश पर पाबंदी होने का दावा किया है। इस संदर्भ में चैनल के वरिष्ठ पत्रकार राहुल कंवल ने एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “गोरखपुर के गोरखनाथ धाम समेत भारत के कुछ बड़े मंदिरों में दलितों के प्रवेश पर मनाही, देखिए पुजारी कैसे करते हैं SC समुदाय से बुरा बर्ताव, वोटों के लिए लुभाना और असल में लताड़ना, आंखे खोलने वाला सच देखना ना भूलिए।” राहुल कंवल के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। लोगों ने गोरखनाथ धाम मंदिर में दलित पुजारी से लेकर वहां काम करने वाले SC समुदाय के लोगों का हवाला देना शुरू कर दिया।

इस बहस में यूपी के बीजेपी प्रवक्ता और पूर्व वरिष्ठ पत्रकार शलभ मणि त्रिपाठी भी कूद पड़े। उन्होंने राहुल कंवल के दावे को चैंलेज कर दिया। शलभ मणि त्रिपाठी ने गोरखनाथ मंदिर में दलितों के प्रवेश पर पाबंदी की बात को झूठ करार दिया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर राहुल कंवल का दावा सही होगा तो वे राजनीति छोड़ देंगे। वर्ना राहुल पत्रकारिता छोड़ दें। त्रिपाठी ने लिखा, “आपने सभी के उत्थान के लिए काम करने वाली गोरक्षपीठ पर फर्जी और आहत करने वाले आरोप लगाए, आपका स्टिंग ऑपरेशन प्रायोजित व दुर्भावनापूर्ण है। दम है तो गोरखनाथ मंदिर में वह जगह दिखाइए जहां दर्शन के वक्त जात पूछी जाती हो। आप दिखा पाए तो राजनीति छोड़ दूंगा, नहीं तो आप पत्रकारिता छोड़िए।”

बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी यही नहीं रुके। उन्होंने ट्वीट करते हुए दलित समुदाय से जुड़े लोगों का वीडियो शेयर किया और साथ ही मंदिर से जुड़े दलित सुमदाय के लोगों का जिक्र किया। त्रिपाठी ने अन्य ट्वीट में कहा, “ये मैनेज्ड स्टिंग है और झूठा खुलासा। गोरखनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी कमलनाथ जी दलित हैं। भंडारे के कुल 12 रसोइयों में से 7 दलित हैं। गोरक्षपीठ के देवीपाटन मंदिर के मुख्य पुजारी महंत मिथिलेश जी भी दलित हैं। गोरक्षपीठ के महाविद्यालय में स्वीपर का पद ही नहीं, सफाई का काम सब मिलकर करते हैं।”

शलभ मणि त्रिपाठी

@shalabhmani

ये मैनेज्ड स्टिंग है और झूठा ख़ुलासा,गोरखनाथ मंदिर के मुख्यपुजारी कमलनाथ जी ही दलित हैं,भंडारे के कु़ल 12 रसोइयों में 7 दलित हैं,गोरक्षपीठ के देवीपाटन मंदिर के मुख्यपुजारी महंथ मिथिलेश जी भी दलित हैं,गोरक्षपीठ के महाविधालय में स्वीपर का पद ही नहीं, सफ़ाई का काम सब मिलकर करते हैं

Rahul Kanwal

@rahulkanwal

गोरखपुर के गोरखनाथ धाम समेत भारत के कुछ बड़े मंदिरों में दलितों के प्रवेश पर मनाही, देखिए पुजारी कैसे करते हैं SC समुदाय से बुरा बर्ताव,वोटों के लिए लुभाना और असल में लताड़ना, आंखें खोलने वाला सच देखना ना भूलिए आज शाम 7 बजे @IndiaToday और रात 9 बजे @aajtak पर#DalitsNotAllowed

गौरतलब है कि इंडिया टुडे ने देश के कई मंदिरों का स्टिंग ऑपरेशन किया, जिसमें दलितों के प्रवेश पर मनाही की बात सामने आई है। चैनल ने अपने स्टिंग में दावा किया है कि वाराणसी के काल भैरव, भुवनेश्वर का लिंगराज मंदिर, ओल्मोड़ा का जागेश्वर धाम और बागेश्वर के बैजनाथ मंदिर में दलितों से भेदभाव रखा जाता है।