मोदी सरकार ने अपनी चोरी छिपाने के लिए दुबई में लिखी थी क्रिश्चियन मिशेल के बयानों की पटकथा :कांग्रेस

अगस्ता वेस्टलैंड मामले में पकड़े गए क्रिश्चियन मिशेल के बयानों की पटकथा इसी साल दुबई में लिखी गई थी और केंद्र की मोदी सरकार अगस्ता वेस्टलैंड और उसकी पेरेंट कंपनी फिनमेकेनिका की आड़ में झूठ का जाल फैला रही है। लेकिन अब इस सरकार की कलई खुल गई है। यह आरोप रविवार को कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर लगाया।

नवजीवन की खबर के मुताबिक कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि “अगस्ता वेस्टलैड मामले में असली दामदार पीएम मोदी ही हैं, और अपनी ‘हितकारी’, ‘उपकारी’, ‘सहकारी’ और खुद की चोरी को छिपाने के लिए शोर मचा रहे हैं।“ रविवार को कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने दिल्ली में क प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि, “अगस्ता वेस्टलैंड और उसकी पेरेंट कंपनी फिनमेकेनिका को ‘षडयंत्रकारी मदद और संरक्षण देने की मोदी सरकार की कलई अब खुल गई है। अब वे अपनी कपटी भूमिका को छिपाने के लिए ‘मोदी बचाओ ऑपरेशन कवर -अप में लगे हैं।“

उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने रहस्यमयी तरीके से अगस्ता वेस्टलैंड की ब्लैकलिस्टिंग रातोंरात खत्म की और फिनमेकेनिका से सांठगांठ के कारण फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड से देश के जरिए इस कंपनी को देश में निवेश की इजाजत दे दी। सुरजेवाला ने बताया कि, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ने तो ब्लैकलिस्टेड अगस्ता वेस्टलैंड को ‘मेक इन इंडिया’ का हिस्सा बनाकर और नौसेना की 100 हैलीकॉप्टरों की खरीद के लिए अनुमति भी दे दी।“

सुरजेवाला ने खुलासा किया कि मोदी सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड और फिनमेकेनिका के खिलाफ मुकदमा हारने के बाद अंतरराष्ट्रीय अदालत में अपील तक नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि, “इस साजिश और सांठगांठ को छिपाने के लिए चोर दरवाजे से झूठ का जाल बुना जा रहा है।“ सुरजेवाला ने इसे ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ की संज्ञा दी।

सुरजेवाला ने अगस्तावेस्टलैंड मामले में कांग्रेस की अगुवाई वाले यूपीए शासन के दौर में हुई कार्रवाई का सिलसिलेवार ब्योरा पेश किया और इसके दस्तावेज़ी सबूत सामने रखे।

उन्होंने बताया कि फरवरी 2010 में अंतरराष्ट्रीय टेंडर प्रक्रिया के जरिए 12 वीवीआईपी हैलिकॉप्टर खरीदने का कॉन्ट्रैक्ट अगस्ता वेस्टलैंड और उसकी पैरेंट कंपनी फिनमेकेनिका को मिला था। इस टेंडर का कुल मूल्य ₹3,546 करोड़ था। सुरजेवाला के मुताबिक 12 फरवरी, 2013 को मीडिया रिपोर्टस में आई कुछ शंकाओं के आधार पर कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने इस हैलीकॉप्टर खरीद की जांच के आदेश दिए और एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले की जांच सीबीआई के हवाले कर दी।

सुरजेवाला ने बताया कि 27 फरवरी, 2013 को राज्यसभा में तत्कालीन रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने अगस्ता वेस्टलैंड मामले पर संयुक्त संसदीय समिति के गठन का प्रस्ताव किया था, लेकिन बीजेपी ने इस प्रस्ताव को नहीं माना। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच के बाद 1 जनवरी, 2014 को यूपीए-कांग्रेस सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड से 12 हैलीकॉप्टर खरीद के कॉन्ट्रैक्ट को रद्द कर दिया। उस समय तक अगस्ता वेस्टलैंड को सरकार ₹1,620 करोड़ का भुगतान कर चुकी थी और तीन हैलीकॉप्टर की डिलीवरी भी भारत सरकार को मिल चुकी थी।

कांग्रेस प्रवक्ता के मुताबिक कॉन्ट्रैक्ट कैंसल करते ही यूपीए सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड की भारतीय बैंकों में जमा 240 करोड़ रुपए की गारंटी राशि को भुना लिया। इतना ही नहीं यूपीए सरकार ने इटली के मिलान में अगस्ता वेस्टलैड के खिलाफ मुकदमा दायर किया। 23 मई, 2014 को यूपीए सरकार ने 2,28,00,00,00 यूरो (228 अट्ठाईस मिलियन यूरो) की बैंक गारंटी को भुनाने के मुकदमें में भी जीत हासिल की।

उन्होंने बताया कि इस तरह यूपीए-कांग्रेस सरकार ने 1,620 करोड़ रुपए के भुगतान के बदले अगस्ता वेस्टलैंड से 2,068 करोड़ रुपए वसूल लिए। इसके अलावा सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड द्वारा डिलीवर किए गए 3 हैलिकॉप्टरों को भी जब्त कर लिया, जो आज भी भारत सरकार के कब्जे में हैं। इनका मूल्य प्रति हैलिकॉप्टर ₹295.50 करोड़ है, इस तरह तीन हैलीकॉप्टर की कीमत ₹886.50 करोड़ रुपए होती है। इसे भी शामिल करलें तो यूपीए सरकार ने जो ₹1620 करोड़ अगस्ता वेस्टलैंड को चुकाए थे, उसके बदले अगस्ता वेस्टलैंड से कुल 2,954 करोड़ रुपए (2068+886.50) वसूल कर लिए।

सुरजेवाला ने कहा कि सरकार के खजाने को नुकसान होने के बजाए लगभग दोगुना पैसा कांग्रेस ने सरकार के खजाने में अगस्ता वेस्टलैंड से जब्त कर जमा करवा लिया।

कांग्रेस नेता ने बताया कि इतना ही नहीं, यूपीए-कांग्रेस सरकार ने 15 फरवरी, 2013 को नोटिस जारी कर अगस्ता वेस्टलैंड और उसकी पेरेंट कंपनी फिनमेकेनिका को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरु कर दी थी। और 03 जुलाई, 2014 को जारी एक आदेश के तहत अगस्ता वेस्टलैंड को प्रतिबंधित और ब्लैकलिस्ट कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि कांग्रेस का अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने तो इस कंपनी के खिलाफ इतनी कड़ी कार्रवाई की। लेकिन मौजूदा मोदी सरकार इसी कंपनी के साथ मिलीभगत कर साजिश कर रही है।

रणदीप सुरजेवाला ने बताया कि मोदी सरकार ने जुलाई, 2014 में अगस्ता वेस्टलैंड और उसकी पैरेंट कंपनी फिनमेकेनिका पर लगे प्रतिबंध को समाप्त करने के लिए अटॉर्नी जनरल से विशेष राय ली। और, मोदी सरकार के रक्षा मंत्रालय के 22 अगस्त, 2014 को जारी आदेश से अगस्ता वेस्टलैंड और फिनमेकेनिका पर लगी पाबंदी और ब्लैकलिस्टिंग हटा ली। (नीचे दिया दस्तावेज़ देखें)

सुरजेवाला ने सवाल पूछा कि जब इस कंपनी के खिलाफ सीबीआई का मुकदमा था और जांच चल रही थी, तो आखिर क्यों इसकी ब्लैकलिस्टिंग खत्म की गई? उन्होंने आगे बताया कि कुछ ही महीने बाद 3 मार्च, 2015 को मोदी सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड/ फिनमेकेनिका को एयरइंडिया-2015 में ‘मेक इन इंडिया’ का हिस्सा भी बना लिया। (नीचे दिया दस्तावेज़ देखें)

इसके बाद 8 अक्टूबर, 2015 को मोदी सरकार ने विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एफआईपीबी) के जरिए अगस्ता वेस्टलैंड और टाटा के बीच स्थापित किए जाने वाले ज्वाईंट वेंचर- इंडियन रोटोक्राफ्ट लिमिटेड को AW119 सैनिक हैलीकॉप्टर बनाने की इजाजत दे दी

इसके बाद 2017 में मोदी सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड को नौसेना के लिए 100 हैलीकॉप्टरों के लिए भी बोली लगाने की अनुमति दे दी। इतना ही नहीं मोदी सरकार साजिश के तहत अगस्ता वेस्टलैंड/फिनमेकेनिका के खिलाफ सभी मुकदमे हारती रही और फैसले के खिलाफ अपील तक दायर नहीं की।

सुरजेवाला ने बताया कि 8 जनवरी, 2018 को इटली की एक अपीलीय अदालत द्वारा 12 हैलिकॉप्टरों की भारत की बिक्री के मामले में अगस्ता के पूर्व सीईओ जिएसेपे ओर्सीऔर हैलिकॉप्टर यूनिट के पूर्व प्रमुख ब्रुनो स्पेग्नोलिनी को सभी आरोपों से बरी कर दिया। मोदी सरकर इस मामले में नुकसान की भरपाई के लिए सिविल पार्टी थी।

उन्होंने बताया कि 17 सितम्बर, 2018 को इटली के मिलान में एक उच्च न्यायालय ने 322 पन्नों के विस्तृत फैसले पर मुहर लगाई और किसी भी भारतीय अधिकारी द्वारा किसी प्रकार के भ्रष्टाचार या गड़बड़ी न होने के निर्णय की पुष्टि भी की। इस मामले में मोदी सरकार मुकदमे में पार्टी थी, लेकिन मोदी सरकार ने इस मामले में अपील दायर न करने का विकल्प चुना।

दुबई में इसी साल जुलाई में लिखी गई क्रिश्चयन मिशेल की झूठी पटकथा

कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार द्वारा खुद के गड़बड़झाले और भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए अब विपक्ष पर कीचड़ उछालकर बचने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, “अगस्ता वेस्टलैंड के साथ अपनी सांठगांठ और षडयंत्रकारी गठजोड़ को छिपाने के लिए मोदी जी और उनकी सरकार क्रिश्चयन मिशेल का इस्तेमाल कर रहे हैं।“

सुरजेवाला ने कहा कि, “इस षडयंत्र की पटकथा तो दुबई में ही लिख दी गई थी, जब जुलाई, 2018 में क्रिश्चयन मिशेल की वकील रोजमैरी पैट्रिजी एन्जोस और उसकी बहन साशा ओजमैल ने सार्वजनिक तौर पर टेलीविजन चैनल्स को इंटरव्यू देकर बताया कि मोदी सरकार और भारत का प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) क्रिश्चयन मिशेल को दोष मुक्त करने की एवज में अगस्ता वेस्टलैंड मामले में कांग्रेस नेतृत्व की संलिप्तता बारे एक झूठा बयान दिलवाना चाहते हैं। ईडी आज उसी पटकथा को लागू कर रहा है।“

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इस मामले में ‘दामदार-चैकीदार’ की संज्ञा देते हुए कुछ सवाल उठाए हैं:

अगस्ता वेस्टलैंड/फिनमेकेनिका की ब्लैकलिस्टिंग क्यों हटाई?
ब्लैकलिस्टेड कंपनी अगस्टता वेस्टलैंड/फिनमेकेनिका को ‘मेक इन इंडियां’ का हिस्सा क्यों बनाया?
ब्लैकलिस्टेड कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड को फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड से निवेश की इजाजत दिलवा AW119 सैनिक हैलीकॉप्टर बनाने की इजाजत क्यों दी?
ब्लैकलिस्टेड अगस्ता वेस्टलैंड को 100 नौसेना हैलीकॉप्टरों के लिए बोली लगाने की अनुमति क्यों दी?
मोदी सरकार अगस्ता वेस्टलैंड/फिनमेकेनिका के खिलाफ सभी मुकदमे कैसे हार गई तथा मुकदमों की अपील क्यों नहीं की?

क्रिश्चयन मिशेल का इस्तेमाल ‘षडयत्रकारी पटकथा लिखने के लिए व खुद के गड़बड़झालों तथा घोटालों को छिपाने के लिए क्यों कर रही है?

सुरजेवाला ने कहा कि, “साफ है कि चौकीदार चोर का पार्ट 2 अब तथ्यों और साक्ष्यों के समते देश के सामने है। आज तो ईडी आपको बचा लेगा, क्योंकि ईडी आपकी जेब में है, परंतु 2019 में जिस दिन सरकार बदलेगी, करारी शिकस्त आपके सामने है, देश की जनता निर्णय कर चुकी है, उस दिन अगस्टा वेस्टलैंड में मोदी जी और उनकी सरकार की सांठगांठ की जांच करवाने के लिए हम अवश्य कटिबद्ध रहेंगे।“