दुनिया के 4 हजार सबसे काबिल वैज्ञानिकों की सूची में हैं सिर्फ 10 भारतीय वैज्ञानिक, चीन के 482 वैज्ञानिकों के नाम

वैज्ञानिक शोध के विश्लेषण से संबंधित अंतरराष्ट्रीय संगठन क्लेरिवेट एनालिटिक्स ने दुनिया के 4,000 सबसे काबिल वैज्ञानिकों की सूची जारी की है। इस सूची में भारत के 10 वैज्ञानिक शामिल हैं। पिछले साल की सूची में 5 भारतीय वैज्ञानिकों को शामिल किया गया था।

नवजीवन की रिपोर्ट के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय संगठन क्लेरिवेट एनालिटिक्स ने दुनिया के सबसे काबिल 4000 वैज्ञानिकों की लिस्‍ट जारी की है। इस लिस्‍ट में भारत के 10 वैज्ञानिकों का नाम शामिल है। पिछले साल इस सूची में भारत के महज 5 वैज्ञानिक ही अपना नाम दर्ज करवा सके थे। इस साल यह संख्या दोगुनी हो गई है। 10 भारतीयों में से कुछ देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से हैं और कुछ बाहर से।

खबरों के मुताबिक, सूची में दुनिया के 4,000 प्रभावशाली शोधकर्ताओं को शामिल किया गया है। जिसे क्लैरिवेट एनालिटिक्स ने जारी किया है। इस सूची में भारत के सीएनआर राव का नाम शामिल है। वे प्रसिद्ध वैज्ञानिक होने के अलावा देश के प्रधानमंत्री की वैज्ञानिक सलाहाकर परिषद के पूर्व सदस्य भी रह चुके है। सीएनआर राव भारत रत्न से भी नवाजे जा चुके हैं। उनके अलावा आईआईटी-कानपुर के अविनाश अग्रवाल, आईआईटी-मद्रास के रजनीश कुमार और जेएनयू के प्रोफेसर दिनेश मोहन को सूची में जगह दी गई है। वहीं, एनआईटी-भोपाल से भी दो वैज्ञानिकों अजय मित्तल और ज्योति मित्तल को शामिल किया गया है। ये दोनों वैज्ञानिक पति-पत्नी हैं। इनके अलावा अशोक पांडे का नाम भी है जो काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च और इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकॉलजी रिसर्च से जुड़े हुए हैं।

इन वैज्ञानिकों के अलावा भुवनेश्वर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज के संजीव साहू, हैदराबाद के इंटरनेशनल क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर सेमी-एसिड ट्रॉपिक्स के राजीव वार्शने और कोयंबटूर की भारतीयर यूनिवर्सिटी के शक्तिवेल रतिनास्वामी को सूची में जगह दी गई है।

सूची में शामिल 10 भारतीय वैज्ञानिकों के नाम:

सीएनआर राव
अविनाश अग्रवाल
रजनीश कुमार
दिनेश मोहन
अजय मित्तल
ज्योति मित्तल
संजीव साहू
राजीव वार्शने
शक्तिवेल रतिनास्वामी
अशोक पांडे


बाकी देशों की बात करे अमेरिका और ब्रिटेन के बाद चीन ने तीसरा स्‍थान प्राप्‍त किया है। अमेरिका के सबसे ज्यादा 2639 वैज्ञानिक और ब्रिटेन के 546 वैज्ञानिक इस सूची में शामिल किए गए हैं। जबकि चीन के 482 वैज्ञानिकों के नाम इस सूची में मौजूद है।