राफेल पर रार: PM पर लगा रहा हूं सीधा आरोप, बताएं अनिल अंबानी को डील में कौन लाया?-राहुल गांधी

सदन में राहुल बोले, “मैं मानता हूं कि मैंने गलतियां कीं। हां, मैक्रॉ वहां के मौजूदा राष्ट्रपति हैं। वह पूर्व राष्ट्रपति नहीं है। राफेल के दाम गोपनीयता का हिस्सा नहीं हैं।”

जनसत्ता ऑनलाइन की खबर के मुताबिक लोकसभा में शुक्रवार (चार दिसंबर) को राफेल डील पर जमकर बवाल हुआ। शाम को चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों ले लिया। कहा कि वह सीधे पीएम पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष आगे बोले- केंद्र बताए कि आखिर अनिल अंबानी को इस डील में कौन लेकर आया?

सदन में राहुल बोले, “मैं मानता हूं कि मैंने गलतियां कीं। हां, मैक्रॉ वहां के मौजूदा राष्ट्रपति हैं। वह पूर्व राष्ट्रपति नहीं है। राफेल के दाम गोपनीयता का हिस्सा नहीं हैं। मेरा प्रश्न है कि आखिर अनिल अंबानी को इस कॉन्ट्रैक्ट में कौन लेकर आया। आखिर कौन था, जिसने अनिल अंबानी के नाम पर फैसला लिया?

जवाब में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वह और पीएम किसी खानदान से ताल्लुक नहीं रखते हैं। ऐसे में उन्हें व पीएम मोदी को कांग्रेस द्वारा बार-बार ‘चोर’ कहना ठीक नहीं है। यह आखिर कैसी गरिमा है? आखिरकार कांग्रेस ने अपने सांसदों को इस तरह के बयान देने से क्यों नहीं रोका?

बकौल सीतारमण, “मैं किसी खानदान से नहीं हूं। पीएम भी गरीब पृष्टभूमि से नाता रखते हैं। वह यहां तक कड़ी मेहनत के बाद पहुंचे हैं। हम सभी सामान्य पृष्ठभूमि से उठकर आगे आए हैं।” संसद में पूर्व में पीएम को आंख मारने और उनके गले लगने को लेकर भी रक्षा मंत्री ने राहुल को घेरा। कहा, “क्या आपने कभी पीएम को आंख मारने या फिर सदन में उनके गले लगने के बाद माफी मांगी? ऐसे सदन नहीं चलता है। कांग्रेस की यह कैसी गरिमा है, जो वह बार-बार हमें ‘चोर’ बताती है।”

वहीं, लोकसभा में राफेल पर चर्चा के बाद राहुल पत्रकारों से बोले- सदन में कई सवाल उठाए गए, पर किसी का भी जवाब नहीं दिया गया। रक्षा मंत्री राफेल पर दो घंटों तक बोलीं, पर अनिल अंबानी के नाम पर कुछ नहीं कहा। मेरा सवाल है कि जब पीएम ने ‘बाईपास सर्जरी’ (राफेल डील की घोषणा) की थी, तो क्या वायु सेना की तरफ से आपत्ति जताई गई थी? वह इसका जवाब देने के बजाय ड्रामा करने लगते।