सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को राफेल जांच की वजह से हटाया गया था: राहुल गांधी

सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें आधी रात को इसलिए हटाया गया था, क्योंकि वह राफेल घोटाले की जांच शुरू करने जा रहे थे। उन्होंने कहा कि फैसले से थोड़ा इंसाफ मिला है, लेकिन आगे देखते हैं क्या होता है।

नवजीवन के अनुसार सीबीआई विवाद में आधी रात को सीबीआई निदेशक पद से हटाए गए आलोक वर्मा को सुप्रीम कोर्ट द्वारा बहाल करने के फैसले का स्वागत करते हुए कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सीबीआई प्रमुख को रात 1 बजे इसलिए हटाया गया था, क्योंकि वह राफेल घोटाले की जांच शुरू करने जा रहे थे। उन्होंने कहा कि आज के फैसले से थोड़ा इंसाफ तो मिला है, लेकिन आगे देखते हैं क्या होता है।

वहीं कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सीबीआई निदेशक को बहाल करने का सुप्रीम कोर्ट का फैसला मोदी सरकार के मुंह पर करारा तमाचा है। उन्होंने कहा कि कोर्ट का निर्णय मोदी सरकार के लिए सबक भी है। उन्होंने कहा, “मोदी जी में थोड़ी भी नैतिकता बची है तो वो सीबीआई निदेशक का 3 महीने का कार्यकाल वापस लौटाएं नहीं तो साबित हो जाएगा कि चौकीदार ही चोर है।”

रणदीप सुरजेवाला ने आगे कहा कि सरकारें आती और जाती हैं, लेकिन हमारे संवैधानिक संस्थाओं की सांस्थानिक पवित्रता बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा, “मोदी सरकार ने राफेल घोटाले की संभावित जांच को रोकने के लिए ही आधी रात को सीबीआई निदेशक को उनके पद से हटाया। राफेल घोटाले की जांच भी होगी, दोषी जेल भी जाएंगे और इसी हड़बड़ाहट में मोदी सरकार संस्थाओं का गला घोंट रही है।”

बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल डील में भ्रष्टाचार को लेकर लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने पीएम मोदी पर राफेल के मुद्दे पर बहस करने से भागने का आरोप लगाते हुए कहा था कि वह कुछ भी कर लें लेकिन बच नहीं सकते।

बता दें कि सीबीआई विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मोदी सरकार को बड़ा झटका देते हुए आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने के फैसले को रद्द कर दिया। साथ ही कोर्ट ने उन्हें वापस सीबीआई निदेशक के पद पर बहाल भी कर दिया है। अपने फैसले में कोर्ट ने कहा कि सरकार को सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने का कोई अधिकार नहीं है। सिर्फ सेलेक्ट कमेटी के पास ही ये अधिकार है। इस फैसले के बाद आलोक वर्मा सीबीआई के चीफ बने रहेंगे। हालांकि वह कोई लेकिन वो नीतिगत फैसला नहीं ले सकेंगे।

गौरतलब है कि सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा और जांच एजेंसी में नंबर दो के अधिकारी विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच छिड़ी जंग सार्वजनिक होने के बाद केंद्र सरकार ने पिछले साल 23 अक्टूबर को दोनों अधिकारियों को उनके अधिकारों से वंचित कर अवकाश पर भेजने का निर्णय किया था। दोनों अधिकारियों ने एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इसके साथ ही मोदी सरकार ने एजेंसी के ज्वाइंट डायरेक्टर एम नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक की जिम्मेदारी सौंप दी थी।