सामान्य वर्ग आरक्षण: चुनाव से पहले मोदी सरकार कैसे भरेगी 29 लाख खाली पद ? अब सरकारी पदों को भरने की बड़ी चुनौती

सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण बिला लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पास हो गया है। ऐसे में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हस्ताक्षर के बाद अब ये बिल कानून में बदल जाएगा। हालांकि इस बिल के बाद मोदी सरकार के सामने एक नई चुनौती होगी। दरअसल मोदी सरकार के सामने खाली पड़े सरकारी पदों को भरने की बड़ी चुनौती सामने आएगी।

किस क्षेत्र में कितने हैं खाली पद: बिजनेस टुडे के आंकड़ों के मुताबिक केन्द्र और राज्य सरकारों में करीब 29 लाख पद खाली पड़े हैं जिन पर नियुक्ति हो सकती है। ऐसे में राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद 3 लाख लोगों के लिए भी इस 29 लाख में आरक्षण के आधार पर जगह बनानी पड़ेगी।

– एजुकेशन क्षेत्र में करीब 13 लाख, जिसमें 9 लाख प्राथमिक शिक्षकों के लिए और 4.17 लाख नौकरी सर्व शिक्षा अभियान के तहत है।
– एक लाख पोस्ट सेकेंडरी लेवल शिक्षकों के लिए, अगस्त 2018 तक केवी (केन्द्रीय विद्यालय) में भी 7885 शिक्षकों के लिए।
– पुलिस में करीब 4.43 लाख पद खाले पड़े हैं। इसके साथ ही अगस्त 2018 तक सेंट्रेल आर्म्ड पुलिस फोर्स और असम रायफल्स में भी करीब 61578 पदों पर वैकेंसी।
– इनके अलावा सभी मंत्रालयों में मौजूद 36.3 लाख नौकरियों में से कुल 4.12 लाख पद खाली हैं।
– रेलवे में 2.53 लाख पद खाली हैं।
– नॉन गैजेट कैडर में भी 17 फीसदी नौकरियां हैं। जिनमें 1.06 लाख पद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, 1.16 लाख पद आंगनवाड़ी हेल्पर के पद खाली हैं।

– आईपीएस, आईएएस और आईएफएस जैसे पदों पर करीब 2750 पद खाली हैं।
– सुप्रीम कोर्ट में 9 जज, देश की हाईकोर्ट्स में कुल 417, सहकॉर्डिनेटर कोर्ट में भी 5436 पद खाली हैं।
– दिल्ली एम्स में 304 फैकलटी मेबंर पद भी खाली हैं।