सुप्रीम कोर्ट में दो जजो की नियुक्ति की सिफारिश का मामला: “एक अन्य काला दिवस’, और ‘एतिहासिक गलती’ होने से रोकिए”- HC के पूर्व चीफ जस्टिस की राष्ट्रपति से अपील

गंभीर ने राष्ट्रपति से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की। जस्टिस गंभीर ने प्रेजिडेंट को पत्र में लिखा, ’11 जनवरी, 2019 को मैंने यह खबर पढ़ी कि कर्नाटक हाई कोर्ट के जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और दिल्ली उच्च न्यायालय के संजीव खन्ना को कोलेजियम ने सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश की है।

दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज कैलाश गंभीर ने उच्च न्यायालय के दो जस्टिसों को सुप्रीम कोर्ट भेजे जाने की सिफारिश का विरोध किया है। जस्टिस गंभीर ने कोलेजियम के फैसले का विरोध करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को इस संबंध में पत्र लिखा है। पत्र में गंभीर ने जस्टिस संजीव खन्ना और दिनेश माहेश्वरी को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त करने की सिफारिश को गलत बताते हुए कहा कि यह गलत होगा। उन्होंने कहा कि ऐसा करना ‘ऐतिहासिक भूल’ होगी।

blockquote>गंभीर ने राष्ट्रपति से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की। जस्टिस गंभीर ने प्रेजिडेंट को पत्र में लिखा, ’11 जनवरी, 2019 को मैंने यह खबर पढ़ी कि कर्नाटक हाई कोर्ट के जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और दिल्ली उच्च न्यायालय के संजीव खन्ना को कोलेजियम ने सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश की है। पहली नजर में मुझे इस खबर पर विश्वास नहीं हुआ, लेकिन यही सच था।’

जस्टिस गंभीर ने खास तौर पर जज संजीव खन्ना के प्रमोशन पर आपत्ति जताते हुए कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय में उनसे सीनियर तीन जज और हैं। ऐसे में उन्हें सुप्रीम कोर्ट भेजा जाना गलत परंपरा की शुरुआत होगी।