यूपी में 69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा के बाद उत्तीर्ण अंक तै करने का मामला: परीक्षा परिणाम पर कोर्ट ने लगाई रोक

अगर आपने 69000 शिक्षक भर्ती की परीक्षा दी है तो अभी आपको रिजल्ट के लिए और इंतजार करना पड़ेगा। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने फिलहाल रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी है। राज्य के परीक्षा नियामक प्राधिकारी को फैसला होने तक भर्ती का रिजल्ट नहीं जारी करने का निर्देश दिया गया है। विभिन्न याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करके परीक्षा होने के बाद उत्तीर्णअंक तै करने को गलत बताते हुए इस राज्य सरकार के उत्तीर्णअंक सम्बन्धी आदेश को रद्द करने की मांग की थी। याचिकाकर्ता रिज़वान अंसारी ने बताया कि हाई कोर्ट के जज जस्टिस राजेश चौहान की एकलपीठ ने इस मामले में परीक्षा परिणाम पर रोक का अंतरिम आदेश दिया है।

आप को बता दें कि उत्तर प्रदेश में 69 हज़ार पदों की शिक्षक भर्ती के लिए पासिंग मार्क जारी किये गए इसके लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी के 65 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी के 60 फीसदी अंक होने चाहिए. गौरतलब है कि 6 जनवरी 2019 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया था. 4,10,440 अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा दी है. पिछली भर्ती में ये उत्तीर्णअंक 40% आरक्षित वर्ग 45% वर्ग के लिए था।

जबकि इस परीक्षा से पहले भर्ती के लिए जारी शासनादेश में कट ऑफ अंकों का कोई ज़िक्र नहीं किया गया था. 2018 की भर्ती परीक्षा से कट ऑफ लगभग 20% बढ़ा दिया गया है. विभाग का तर्क है कि इस बार ऑब्जेक्टिव प्रश्नों पर आधारित परीक्षा ली गई थी, इसलिए कट ऑफ बढ़ा दिया गया है. कट ऑफ लागू होने से शिक्षामित्रों समेत बीटीसी अभ्यर्थी भी सरकार से नाराज़ हैं। बिना किसी विज्ञप्ति के अचानक इतने उच्च अंक निर्धारित करने से बड़ी संख्या में शिक्षामित्र अभ्यर्थी भर्ती से बाहर हो रहे हैं।

बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापकों के 69 हजार पदों पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों को 15 फरवरी से पहले नियुक्ति भी देने की तैयारी में था. बेसिक शिक्षा विभाग इस भर्ती परीक्षा का परिणाम 22 जनवरी तक जारी करके 15 फरवरी से पहले नियुक्ति पत्र बांटने की तैयारी कर रहा था ऐसे में कोर्ट के इस आदेश से सरकार की सारी तैयारी रखी रह गयी है।