शिकंजा: प्रॉपर्टी खरीद में 20 हजार से ज्यादा नक़द लेनदेन पर नोटिस भेजेगा आयकर विभाग

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का दिल्ली डिवीजन अगले महीने से खरीदार और विक्रेताओं दोनों को नोटिस भेजेगा, जिन्होंने प्रॉपर्टी खरीद बिक्री में तय सीमा से अधिक कैश ट्रांजैक्शन किया है।

संपत्ति खरीद-बिक्री के लिए 20 हजार रुपये से अधिक कैश ट्रांजैक्शन पर है रोक

विक्रेता से वसूला जाएगा जुर्माना, खरीददार को बताना होगा धन का स्रोत

जून 2015 से दिसंबर 2018 के बीच के केसों में शुरू होने जा रही कार्रवाई

यदि आपने प्रॉपर्टी खरीदने के लिए 20 हजार रुपये से अधिक कैश ट्रांजैक्शन किया है तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नोटिस के लिए तैयार रहें। I-T डिपार्टमेंट का दिल्ली डिवीजन 20 हजार रुपये से अधिक के कैश ट्रांजैक्शन वाले प्रॉपर्टी खरीद के खिलाफ मुहिम शुरू करने जा रहा है।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट 20 हजार रुपये से अधिक कैश पेमेंट वाले प्रॉपर्टीज की रजिस्ट्री की लिस्ट बना रहा है। I-T टीमों ने दिल्ली के सभी 21 सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में जाकर 2015 से 2018 के बीच हुई सभी रजिस्ट्रीज को स्कैन किया है।

नाम गोपनीय रखने की शर्त पर एक वरिष्ठ I-T अधिकारी ने कहा, ‘उन्होंने 1 जून 2015 से दिसंबर 2018 के बीच उन रजिस्ट्रीज को स्कैन किया है, जिनमें कैश पेमेंट 20 हजार रुपये से अधिक किया गया।’ अचल संपत्तियों के खरीद-बिक्री में काले धन पर लगाम लगाने के लिए यह सीमा रखी गई है।

क्या है नियम?

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) की ओर से 1 जून 2015 से लागू कानून के मुताबिक, कृषि भूमि सहित रियल एस्टेट के किसी ट्रांजैक्शन में 20 हजार रुपये से अधिक का ट्रांजैक्शन चेक, RTGS या NEFT जैसे माध्यम से ही किया जा सकता है।

यदि कैश ट्रांजैक्शन इस सीमा से अधिक है तो इनकम टैक्स ऐक्ट, सेक्शन 271D के तहत उस राशि के बराबर जुर्माना कैश प्राप्त करने वाले विक्रेता पर लगाया जा सकता है।

क्या होगा ऐक्शन?

अगले महीने से नोटिस विक्रेता और खरीदार दोनों को भेजा जाएगा। विक्रेता से उस राशि के बराबर पेनल्टी देने को कहा जाएगा। I-T अधिकारी ने कहा, ‘हम खरीददार से धन का स्रोत बताने को कहेंगे।’