गुजरात के पूर्व गृहमंत्री हरेन पंड्या की हत्या की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर, 16 साल पहले हुई थी इस बीजेपी नेता की हत्या

गुजरात के पूर्व गृह मंत्री हरेन पंड्या की हत्या की नए सिरे से जांच करने की मांग को लेकर एक एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। यह याचिका हरेन पंड्या के मौत के 16 साल बाद सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है। यह याचिका एक एनजीओ की ओऱ से प्रसिद्ध वकील प्रशांत भूषण की ओर से कोर्ट में दायर की गई है। प्रशांत भूषण के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि हाल ही में प्रकाश में आई कुछ चौंकाने वाली जानकारी के कारण इस याचिका की आवश्यकता उत्पन्न हुई है।

बता दें कि, भारतीय जनता पार्टी के नेता और राज्य के पूर्व गृह मंत्री रहे हरेन पंड्या की 2003 में उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने की थी। ट्रायल कोर्ट ने हत्या के लिए 12 व्यक्तियों को दोषी ठहराया था, लेकिन गुजरात उच्च न्यायालय ने उन्हें यह कहते हुए बरी कर दिया कि जांच एजेंसी ने अपनी जांच में असंगतता दिखाई है।

साभार: बीबीसी 2002

दरअसल सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ कांड के एक गवाह आजम खान ने बीते शनिवार (नबवंर 2018) को एक निचली अदालत को बताया कि सोहराबुद्दीन ने गुजरात के पूर्व गृह मंत्री हरेन पंड्या की हत्या की थी। गवाह ने दावा किया कि गुजरात के पूर्व आईपीएस अधिकारी डी जी वंजारा ने पंड्या की हत्या के कथित आदेश दिए थे।आजम खान ने कोर्ट में जज के सामने अपना बयान दर्ज कराते हुए कहा कि सोहराबुद्दीन शेख ने उसे कहा था कि उसे डीजी वंजारा के जरिए हरेन पंड्या को मारने की सुपारी दी गई थी, जिसे उसने अंजाम भी दिया था।