10% आरक्षण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका: सीजेआई की बेंच ने कहा, “हम मामले की जांच करेंगे।”, केंद्र को नोटिस जारी

लोकसभा चुनाव 2019 से पहले सामान्य वर्ग को साधने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने हाल ही में गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया था।

गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण के फैसले के खिलाफ शुक्रवार (25 जनवरी, 2019) को सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दी गई। जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) की नेतृत्व वाली बेंच ने केंद्र को इस बाबत एक नोटिस भेजा है। कोर्ट ने इसी के साथ नौकरी और शिक्षा में सामान्य वर्ग के गरीब तबके को 10 फीसदी आरक्षण देने पर तत्काल रोक लगाने से साफ इन्कार कर दिया।

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सीजेआई की बेंच ने कहा, “हम मामले की जांच करेंगे।” सीजेआई और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच इस मसले पर चार हफ्तों में सुनवाई करेगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, कोर्ट ने केंद्र को अपना जवाब देने के लिए तीन हफ्तों की मोहलत दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार ने शिक्षा और नौकरी में गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया था। 10 जनवरी को इसी संबंध में यूथ फॉर इक्वैलिटी संगठन और कौशल कांत मिश्रा की तरफ से पीआईएल दाखिल की गई।