70 वां गणतंत्र दिवस: जिन 3 राज्यों में हारी बीजेपी उनकी झांकियों को गणतंत्र दिवस परेड में नहीं किया गया शामिल, कांग्रेस ने बोला हमला

गणतंत्र दिवस की परेड में इस बार मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की झांकियों को शामिल नहीं किया गया। ऐसे में कांग्रेस ने मोदी सरकार पर तीनों राज्यों में हार का बदला लेने का आरोप लगाया।

जनसत्ता ऑनलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक गणतंत्र दिवस की परेड में इस बार मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की झांकियों को शामिल नहीं किया गया। ऐसे में कांग्रेस ने मोदी सरकार पर तीनों राज्यों में हार का बदला लेने का आरोप लगाया। इस संबंध में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट भी किया है। बता दें कि दिसंबर 2018 में हुए विधानसभा चुनावों में इन तीनों राज्यों में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था।

यह लिखा है ट्वीट में : मध्य प्रदेश कांग्रेस ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘‘हार का बदला प्रदेश के गौरव से। गणतंत्र दिवस परेड में शामिल झांकी राज्य का गौरव और जनता का मान, सम्मान और अभिमान होती है। मोदी ने मप्र, छग और राजस्थान की झांकियों को बाहर कर प्रदेश के शीश को रौंदने, कुचलने और अपमानित करने का घृणित और कुत्सित कार्य किया है। जनता माफ नहीं करेगी।’’

हार का बदला स्वाभिमान से क्यों? :

कांग्रेस ने पीएम मोदी से सवाल पूछा है कि तीनों राज्यों में चुनावी हार का बदला राज्यों की अस्मिता और स्वाभिमान से क्यों लिया जा रहा है। पार्टी ने ट्वीट किया, ‘‘ये बीजेपी और पीएम मोदी का सबसे निम्नस्तरीय बदला है, जो घोर निंदनीय है।’’ गौरतलब है कि रक्षा मंत्रालय ने सभी राज्यों से महात्मा गांधी की 150वीं जयंती की थीम पर प्रस्ताव मांगा था। इस दौरान मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के डेमो को चयन समिति ने खारिज कर दिया था।

यह थीम थी झांकियों की :

कमलनाथ सरकार के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा का आरोप है कि सूबे में कांग्रेस सरकार आने के कारण झांकी निरस्त की गई। हालांकि, इस बार 26 जनवरी की परेड में महात्मा गांधी के स्वदेशी मिशन को ध्यान में रखते हुए नए और अत्याधुनिक टी-18 इंजन रहित ट्रेन समेत कई अन्य स्वदेशी लोकोमेटिव की झांकी शामिल की गईं।

तीनों राज्यों में बीजेपी को मिली थी हार :

बता दें कि कुछ दिन पहले 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सत्ता से बाहर होना पड़ा था। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने 15 साल बाद सत्ता में वापसी की। वहीं, राजस्थान में पांच साल बाद कांग्रेस दोबारा सत्ता पर काबिज हुई।