सुप्रीम कोर्ट: केंद्रीय विद्यालयों में हिंदी-संस्कृत में अनिवार्य प्रार्थना का मामला संविधान पीठ को भेजा गया

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय विद्यालय में मॉर्निंग असेम्बली में हिंदी और संस्कृत में प्रार्थना करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका को सुनवाई के लिए संविधान पीठ के पास भेजा दिया है

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय विद्यालय में मॉर्निंग असेम्बली में हिंदी और संस्कृत में प्रार्थना करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका को सुनवाई के लिए संविधान पीठ के पास भेजा दिया है. याचिका पर सुनवाई कर रही दो जजों की बेंच ने कहा है कि संविधान पीठ अब मामले की सुनवाई करेगी. साथ ही मामला चीफ जस्टिस के सामने भी रखा जाएगा.

केंद्रीय विद्यालयों में संस्कृत और हिन्दी में प्रार्थना क्या हिन्दू धर्म का प्रचार है, इस पर सुप्रीम कोर्ट में दो जजों की बेंच ने कहा कि इस मामले को संविधान पीठ को सुनना चाहिए. पीठ ने कहा कि यह धार्मिक महत्व का मामला है और दो जजों की पीठ ने उचित बेंच के गठन के लिए मामले को चीफ जस्टिस के पास भेज दिया है. इससे पहले केंद्रीय विद्यालयों में सुबह होने वाली प्रार्थना क्या हिंदुत्व को बढ़ावा है? सुप्रीम कोर्ट ने इसी सवाल को लेकर दायर पीआईएल पर केंद्र से जवाब तलब किया था.

आपको बता दें कि जनहित याचिका में कहा गया है कि केंद्रीय विद्यालयों में होने वाली प्रार्थना हिंदुत्व का प्रचार-प्रसार करती है, जबकि केंद्र सरकार द्वारा संचालित किसी भी संस्थान में ऐसा नहीं होना चाहिए. पीआईएल में संविधान के आर्टिकल 92 के तहत ‘रिवाइज्ड एजुकेशन कोड ऑफ केंद्रीय विद्यालय संगठन’ की वैधता को चुनौती दी गई है.

आर्टिकल 92 के मुताबिक, ‘स्कूल में पढ़ाई की शुरुआत सुबह की प्रार्थना से होगी. सभी बच्चे, टीचर्स और प्रिंसिपल इस प्रार्थना में हिस्सा लेंगे.’ इस आर्टिकल में केंद्रीय विद्यालयों में होने वाली सुबह की प्रार्थना की प्रक्रिया के बारे में बताया गया है.

एक व्यक्ति ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि केंद्रीय विद्यालयों में 1964 से हिंदी में सुबह से प्रार्थाना हो रही है जो पूरी तरह से असंवैधानिक है. यह संविधान के अनुच्छेद 25 और 28 के खिलाफ है जिसके चलते इस प्रार्थना को इजाजत नहीं दी जा सकती. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर केंद्र सरकार और केंद्रीय विद्यालयों से जवाब मांगा है.
बता दें कि देशभर में 1125 केंद्रीय स्कूल हैं. स्कूल में संस्कृत श्लोक के बाद हिंदी प्रार्थना गानी होती है (दया कर दान भक्ति का हमें परमात्मा देना, दया करना हमारी आत्मा में शुद्धता देना हमारे ध्यान में आओ प्रभु आंखों में बस जाओ) प्रार्थना के दौरान छात्रों को हाथ जोड़कर आंख बंद करनी होती है. हिंदी और संस्कृत की प्रार्थना धर्म विशेष हिंदू का प्रचार करती है, जो कि अनुच्छेद 28 और 19 का उल्लंघन है.