नीतीश के सुशासन के दावे की खुली पोल: बिहार में रोज 8 मर्डर, 4 रेप और 30 दंगे

बिहार में वर्ष 2018 के पहले 10 महीने में बलात्कार के कुल 1304 मामले दर्ज किए गए। वहीं, दंगा का कुल 8989 मामला दर्ज किया गया।

जनसत्ता ऑनलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक बात वर्ष 2015 बिहार विधानसभा चुनाव की है। उस समय राजधानी पटना की सड़कों पर ‘बिहार में बहार हो, नीतीशे कुमार हो’ स्लोगन लिखे बड़े-बड़े बैनर नजर आते थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लोग ‘सुशासन बाबू’ और उनकी सरकार को ‘सुशासन’ कहने लगे थे। लेकिन अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन के दावे की पोल खुलती नजर आ रही है। बिहार पुलिस के आंकड़े ही यह पोल खोल रहे हैं। सूबे में प्रतिदिन औसतन 8 से ज्यादा लोगों की हत्या की जा रही है, 4 से अधिक महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहा है, करीब 85 घरों पर प्रतिदिन चोर अपने हाथ साफ कर रहे हैं। राज्य में रोज करीब 30 की औसत से दंगों की वारदात हुई हैं। सड़कों पर चलने वाले भी सुरक्षित नहीं है। प्रतिदिन करीब 4 लोगों के साथ सड़कों पर लूट की घटना को अंजाम दिया गया और औसतन 29 लोगों का प्रतिदिन अपहरण हुआ। बिहार पुलिस ने जनवरी से अक्‍तूबर, 2018 के बीच राज्‍य में हुई आपराधिक घटनाओं का जो आंकड़ा जारी किया है, उससे यह तस्‍वीर नजर आ रही है।

बिहार पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, बिहार में साल 2018 के 10 महीनों में हत्या के कुल 2522 मामले दर्ज किए गए। जनवरी में जहां 178 मामले दर्ज हुए, वहीं, अक्टूबर में 227 मामले दर्ज हुए। इसी तरह चोरी के कुल 25472 मामले दर्ज दर्ज हुए। जनवरी में 2388 मामले दर्ज किए गए। वहीं, अक्टूबर में 2827 मामला दर्ज किया गया। राज्य में वर्ष 2018 के 10 महीने में दंगे के कुल 8989 मामले दर्ज किए गए। जनवरी में 614 मामले दर्ज हुए। वहीं, अक्टूबर में 673 मामले दर्ज किए गए। सबसे ज्यादा दंगा का मामला 1281 मई महीना में दर्ज किया गया। इसी तरह राज्य में अपहरण के 8804 मामले दर्ज किए गए। जनवरी में यह आंकड़ा 584 था, जो अक्टूबर में बढ़कर 827 हो गया। वहीं, जून में अपहरण के 1060 मामले दर्ज हुए। 10 महीने में बलात्कार के कुल 1304 मामले दर्ज किए गए। जनवरी माह में जहां 74 मामले दर्ज हुए। वहीं, फरवरी में 88, मार्च में 127, अप्रैल में 139, मई में 184, जून में 170, जुलाई में 164, अगस्त में 119, सितंबर में 116 और अक्टूबर में 123 मामला दर्ज हुआ।

आंकड़ा पहले अक्‍तूबर, 2018 तक का ही दिया गया हो, पर तस्‍वीर अभी भी कमोवेश वही है। इस साल जनवरी में ट्रेन से पटना से फतुहा जा रही एक महला को खींचकर गैंगरेप का शिकार बनाया गया। समस्तीपुर जिले में राजद नेता रघुवर राय की हत्या कर दी गई। गणतंत्र दिवस के दिन राजधानी पटना में एक सीए के घर दिनदहाड़े डकैती का मामला सामने आया। पिछले साल दिसंबर में राज्य के प्रसिद्ध व्यवसायी गुंजन खेमका की अपराधियों ने दिनदहाड़े गोलीमार कर हत्या कर दी।