उत्तराखंड के शिक्षामित्रों को मिलने वाली राहत का लाभ उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों को भी मिलेगा!!

रबीअ बहार

उत्तराखंड के शिक्षामित्रों को कल mhrd मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ये आश्वासन दिया कि वे उनकी नोकरी बचाने के कुछ करेंगे। इन मीडिया रिपोर्ट्स को लेकर उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों में उत्साह पैदा हुआ है। उन्हें भी लगता है कि शायद केंद्र सरकार उनके लिए भी कोई रास्ता निकाले!

इससे पहले कि उत्तराखंड के शिक्षामित्रों कल दिए गए आश्वासन की बात की जाए, हमे उस आश्वासन के निहितार्थ को समझना होगा। केंद्रीय मंत्री ने त्रिपुरा को दी गयी राहत के आधार पर उत्तराखंड को राहत देने की बात कही थी।

क्या था मामला

दरअसल पिछले वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपुरा के संविदा शिक्षकों को राहत देते हुए दो वर्ष में न्यूनतम अर्हता पूरी करने को आदेश पारित किया था। इसी कोर्ट के फैसले के आधार पर त्रिपुरा सरकार ने केंद्र सरकार से न्यूनतम अर्हता पूरी करने को समय बढ़ाने को आवेदन किया था जिसे केंद्र सरकार ने मंजूर करते हुए समय देने का गजट पारित किया था।

उत्तराखंड के मामले में भी लोकसभा चुनाव को देखते हुए यदि राज्य सरकार केंद्र सरकार को समय बढ़ाने का प्रस्ताव पेश करती है तो उसे मंजूरी मिल सकती है। यहां आप को बताते चलें कि नैनीताल हाईकोर्ट के शिक्षामित्रों के खिलाफ फैसला होने के बावजूद उत्तराखंड सरकार ने टेट रहित शिक्षामित्रों को नोकरी पर बनाये रखा है। दरअसल इसके उन्हें सरकार समायोजन प्रक्रिया के तहत नोकरी दी हुई है। उन्हें हटाया नहीं गया है।

यूपी के शिक्षामित्रों का मामला क्या इससे अलग है?

दरअसल उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक शिक्षक के पद से हटाया जा चुका है अब वे सिर्फ शिक्षामित्र के रूप में ही कार्यरत है। न्यूनतम अर्हता पूरी न करने की स्थिति में यूपी और उत्तराखंड दोनो के शिक्षामित्रों को 31 मार्च के बाद एनसीटीई की गाइड लाइन के अनुसार हटाना होगा। अगर केंद्र सरकार इस संबंध में कोई राहत नही देती है तो ऐसा करना राज्य सरकारों के लिए ज़रूरी हो जाएगा।

ऐसे में कल केंद्रीय मंत्री द्वारा दिया गया आश्वासन दोनो राज्यो के शिक्षामित्रों को कुछ समय के लिए राहत देने की ओर संकेत करता है। हालांकि उत्तरप्रदेश के शिक्षामित्रों को दो भर्ती पूर्ण होने तक ही बनाये रखने को कोर्ट ने कहा है। चूंकि अभी दो में से एक भी भर्ती पूर्ण नहीं हुई है इसलिए केंद्र सरकार अगर उत्तराखंड को कोई राहत देती है तो वो राहत यूपी के शिक्षामित्रों के लिये भी लागू होगी।