बजट 2019: चुनावी बजट में टुकटुकी लगाए देखती रहीं महिलाएं लेकिन मोदी सरकार ने नहीं किया कोई खास ऐलान

चुनावी साल होने की वजह से महिलाओं को मोदी सरकार से काफी उम्मीदें थी, लेकिन बजट में महिलाओं को कोई खास जगह नहीं मिल पाई। वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने महिलाओं के लिए छोटे-मोटे योजनाओं के अलावा कोई खास ऐलान नहीं किया है।

नवजीवन के अनुसार देश की आधी आबादी को मोदी सरकार के अंतरिम बजट से मायूसी हाथ लगी है। चुनावी साल होने की वजह से महिलाओं को मोदी सरकार से काफी उम्मीदें थी, लेकिन बजट में महिलाओं को कोई खास जगह नहीं मिल पाई। वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने बजट में उज्जवला योजना के तहत 8 करोड़ गैस कनेक्शन देने का ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में हर परिवार को अच्छी कुकिंग की सुविधा मिलेगी।

इसले अलावा गर्भवती महिलाओं के लिए पीएम मातृ योजना की घोषणा की है। जिसके तहत महिलाओं को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश दिया जाएगा। इसके अलावा बजट पेश करते हुए पीयूष गोयल ने घोषणा कि अब महिलाओं को बैंक से 40 हजार रुपये तक के कर्ज पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।

बजट के दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का सबसे अधिक लाभ महिलाओं को ही मिला है। अब तक देशभर में 15 करोड़ मुद्रा ऋण दिए गए हैं जिसमें से 73 प्रतिशत ऋण महिला उद्यमियों को मिला है। उन्होंने आगे कहा कि महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण मिशन के लिए खास ध्यान दिया गया है। जिसके लिए अंतरिम बजट 2019-20 में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण मिशन के लिए 1330 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पिछली साल की तुलना में 174 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है।

साल 2018 में बजट के दौरान मोदी सरकार का महिलाओं पर खास फोकस था लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं दिखाई दिया। पिछले साल सरकार ने बजट में कामकाजी महिलाओं को राहत देते हुए उनकी पीएफ मदद को पहले 3 साल 8 फीसदी करने का ऐलान किया था। इसके अलावा सरकार ने महिला स्‍वयं सहायता समूहों के लिए कर्ज के लक्ष्‍य को बढ़कार बढ़ाकर 75,000 करोड़ रुपये और महिलाओं की राष्‍ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की राशि को बढ़ाकर 5 हजार करोड़ रुपये से ज्‍यादा करने का भी ऐलान किया था।