बजट 2019 में शिक्षा के लिए केवल तीन फीसदी रकम, उच्च शिक्षा के बजट में भी भारी कटौती, अधर में पुरानी योजनाएं

पिछले साल शिक्षा क्षेत्र में 83,626 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। यह अलग बात है कि उसमें से 3,411 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो सका है। जनसत्ता ऑनलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक देश के 18 राज्यों में अभी तक शिक्षा का अधिकार कानून लागू नहीं हुआ है।

मोदी सरकार के अंतरिम बजट में शिक्षा क्षेत्र पर कुछ खास ध्यान नहीं दिया गया है। चुनावी साल होने की वजह से सरकार का पूरा जोर गरीबों, मजदूरों, किसानों और मध्यम वर्ग को सामाजिक योजनाओं के तहत लुभाने पर रहा है। केंद्रीय प्रभारी वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट में शिक्षा के लिए 93,848 करोड़ रुपये का आवंटन किया है जो कुल बजट एक्सपेंडिचर का 3.3 फीसदी है। हालांकि, पिछले साल के मुकाबले शिक्षा क्षेत्र में सरकार ने करीब 10,000 करोड़ रुपये की बजट बढ़ोत्तरी की है। पिछले साल शिक्षा क्षेत्र में 83,626 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। यह अलग बात है कि उसमें से 3,411 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो सका है।

मोदी सरकार लगातार उच्च शिक्षा पर जोर देती रही है लेकिन हायर एजुकेशन फाइनांसिंग एजेंसी (HEFA) के बजट में 650 करोड़ रुपये की कटौती कर दी है। पिछले साल सरकार ने एजेंसी को 2750 करोड़ रुपये आवंटित किए थे इस साल घटाकर 2100 करोड़ रुपये कर दिए गए। इससे भी बड़ी हैरत की बात यह है कि बड़े जोर-शोर से स्थापित की गई इस एजेंसी ने पिछले साल मात्र 250 करोड़ रुपये ही खर्च किए। बता दें कि साल 2017 में इस एजेंसी की स्थापना मोदी सरकार द्वारा केंद्रीय संस्थानों में आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए की गई थी।

पीयूष गोयल ने अपने बजट भाषण में राष्ट्रीय शिक्षा मिशन के लिए 38,572 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। पिछले साल इसके लिए 32,334 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। समेकित बाल विकास परियोजनाओं (ICDS) के लिए सरकार ने करीब 4 हजार करोड़ रुपये अधिक कुल 27,584 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया है। पिछले साल ICDS के लिए 23,357 करोड़ आवंटित किए गए थे। पिछसे साल वित्त मंत्री ने आदिवासी बहुल इलाकों के लिए नवोदय विद्यालय की तर्ज पर आवासीय एकलव्य विद्यालय के स्थापना की घोषणा की थी लेकिन सालभर बाद भी उस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है।

इसी तरह मोदी सरकार ने साल 2014 में भी मध्य प्रदेश में जय प्रकाश नारायण नेशनल सेंटर फॉर एक्सिलेंस इन ह्यूमनिटीज की स्थापना का एलान किया था लेकिन आज तक यह योजना फाइलों में ही सिमटी हुई है। मुंबई में भी नेशनल सेंटर फॉर एक्सिलेंस इन गेमिंग एंड स्पेशल इफेक्ट्स की अब तक स्थापना नहीं हो सकी है। हालांकि, राज्य सरकार ने इसके लिए 20 एकड़ जमीन आवंटित कर दिया है। 2017 के बजट में वित्त मंत्री ने देशभर में 62 नए नवोदय विद्यालयों की स्थापना का एलान किया था लेकिन उस दिशा में भी ठोस कदम नहीं उठाए जा सके। हालांकि, इस साल जनवरी में एचआरडी मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने देशभर के नवोदय विद्यालयों में कुल 5000 सीटें 2019-20 सत्र में बढ़ाने का एलान किया है।