अयोध्या केस: जमीन लौटाने की केंद्र की अर्जी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी चुनौती

पिछले सप्ताह ही केंद्र सरकार ने अयोध्या में गैर-विवादित जमीन वापस लौटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी है। अब इस अर्जी के खिलाफ याचिका सर्वोच्च अदालत में दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने लैंड ऐक्विजिशन ऐक्ट की वैधता पर सवाल उठाया। जमीन वापस लौटाने की अर्जी पर अलग-अलग पक्षों की अलग राय है।

हाइलाइट्स
सुप्रीम कोर्ट में पिछले हफ्ते ही केंद्र सरकर ने अयोध्या में गैर-विवादित जमीन लौटाने की याचिका दी है

केंद्र की अर्जी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका, लैंड ऐक्विजिशन ऐक्ट की वैधता पर उठाया सवाल

याचिकाकर्ता का तर्क राज्य सूची के विषयों की आड़ में केंद्र राज्य की भूमि अधिग्रहित नहीं कर सकती

आम चुनावों से पहले अयोध्या को लेकर रोज नई हलचल हो रही है। पिछले सप्ताह ही केंद्र सरकार ने गैर-विवादित जमीन वापस लौटाने के लिए अर्जी दी। अब इस अर्जी के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका डाली गई है। याचिकाकर्ता ने लैंड ऐक्विजिशन ऐक्ट की वैधता पर सवाल उठाया। केंद्र सरकार के कदम को भी इस अर्जी में चुनौती दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता का कहना है कि राज्य सूची के विषयों की आड़ में केंद्र सरकार राज्य की भूमि अधिग्रहित नहीं कर सकती। पिछले सप्ताह ही केंद्र सरकार ने 67 एकड़ गैर-विवादित जमीन मूल मालिकों को लौटाने के लिए अर्जी दी थी। सरकार के इस कदम का जहां राम जन्मभूमि न्यास ने स्वागत किया था, वहीं कुछ अन्य संगठनों ने इसका विरोध किया।

इस मामले पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को ही एक कार्यक्रम में सभी दलों से इस पर सहयोग की मांग की थी। केंद्र ने कोर्ट में गैर-विवादित जमीन लौटाने की अर्जी में कहा कि वह गैर-विवादित 67 एकड़ जमीन इसके मालिक राम जन्मभूमि न्यास को लौटाना चाहती है। इस जमीन का अधिग्रहण 1993 में कांग्रेस की तत्कालीन नरसिम्हा राव सरकार ने किया था।