वायरल ऑडियो: दिल्ली के नेताओं से कह रहे थे बंगाल के बीजेपी नेता- कुछ सीबीआई अफसरों पर कसो शिकंजा!

विजयवर्गीय ने दावा किया था कि ऑडियो क्लिप नकली थे, जबकि रॉय ने आरोप लगाया था कि उनका फोन कोलकाता पुलिस द्वारा टैप किया जा रहा है।

कथित बातचीत में रॉय यह भी कहते हैं कि वह दो अधिकारियों के नाम “निदेशक (जांच) और सहायक निदेशक (जांच)” के रूप में आयकर विभाग में तैनात होने के लिए भेजेंगे।

टीएमसी के पूर्व नेता मुकुल रॉय, जो अब बीजेपी के साथ हैं, और पश्चिम बंगाल के बीजेपी प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय के बीच टेलीफोन पर कथित बातचीत के ऑडियो क्लिप की एक सीरिज सोशल मीडिया में आई थी। एक क्लिप में रॉय ने विजयवर्गीय से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से बात करने और सीबीआई से “चार आईपीएस अधिकारियों” पर नजर रखने और उन्हें “डराने” के लिए कहा था। रॉय ने कथित तौर पर विजयवर्गीय से कहा कि “जो चार आईपीएस हैं, उनपे सीबीआई को थोड़ा नजर डालना होगा। इसमें अगर एक बार ध्यान देंगे तो ये आईपीएस डर जाएंगे।” कुछ आईपीएस अधिकारी जो शारदा चिट फंड मामले की जांच के लिए गठित एक टीम का हिस्सा थे, सीबीआई के रडार पर रहे हैं और पहले उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया था। टीम के प्रमुख के रूप में राजीव कुमार को पूछताछ के लिए भी बुलाया गया था।

कथित बातचीत में रॉय यह भी कहते हैं कि वह दो अधिकारियों के नाम “निदेशक (जांच) और सहायक निदेशक (जांच)” के रूप में आयकर विभाग में तैनात होने के लिए भेजेंगे। विजयवर्गीय ने मटुआ नेता के बारे में भी बात की, जो भाजपा में शामिल होना चाहते हैं। अनुसूचित जाति से संबंधित मटु राज्य में एक प्रमुख वोट बैंक हैं। वह टीएमसी सांसद ममताबाला ठाकुर सहित अन्य मटुआ समुदाय के नेताओं के बारे में कथित रूप से पूछते हैं

एक अन्य ऑडियो क्लिप में, रॉय ने विजयवर्गीय को कथित रूप से सूचित किया कि पत्रकार मैथ्यू सैमुअल (जिन्होंने टीएमसी नेताओं के खिलाफ नारद स्टिंग ऑपरेशन किया था) ने उन्हें एक डॉक्यूमेंट्री की सूचना दी, जो टीएमसी को “खत्म” कर देगा। नारद स्टिंग ऑपरेशन, 2016 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले एक समाचार वेबसाइट के माध्यम से जारी किया गया था, जिसमें कथित तौर पर टीएमसी नेताओं और एक पुलिस अधिकारी को एहसान के लिए नकद रिश्वत लेते हुए दिखाया गया था।

विजयवर्गीय के साथ अपनी कथित बातचीत में, रॉय ने कहा कि सैमुअल ने डॉक्यूमेंट्री के लिए 2 करोड़ रुपये मांगे हैं, जिनमें से 50 लाख रुपये हांगकांग में एडवांस के रूप में भुगतान किए जाने हैं। “मैं उससे तुमसे बात करने के लिए कह रहा हूं। उससे बात करने के बाद यदि आप संकेत देते हैं, तो मैं कार्रवाई करूंगा,” उन्होंने कथित रूप से विजयवर्गीय को यह बताया है। विजयवर्गीय ने दावा किया था कि ऑडियो क्लिप नकली थे, जबकि रॉय ने आरोप लगाया था कि उनका फोन कोलकाता पुलिस द्वारा टैप किया जा रहा है।

साभार: स्रोत रविक भट्टाचार्य की रिपोर्ट जनसत्ता ऑनलाइन के लिए