NSSO के लीक सर्वे में खुलासा: पिछले साल देश की आधी आबादी को नहीं मिला काम!

बिजनस स्टैंडर्ड ने पिछले दिनों एक सर्वे लीक किया था, जिसके मुताबिक 2017-18 में बेरोजगारी दर बढ़कर 45 साल के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गई। इस दौरान बेरोजगारी दर 6.1 फीसदी रही। हालांकि, नीति आयोग ने लीक हुए सर्वे को अधूरा बताया था।

भारत में 2017-18 के दौरान आधी आबादी को रोजगार नहीं मिल पाया। नैशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (NSSO) ने जॉब से संबंधित एक सर्वे कराया है, जिसके मुताबिक भारत की आधी कामकाजी आबादी पिछले साल किसी भी आर्थिक गतिविधि में योगदान नहीं दे रही थी। बिजनस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (एलएफपीआर) 2011-12 के 55.9 फीसदी की तुलना में 2017-18 में घटकर 49.8 फीसदी रही।

गौरतलब है कि बिजनस स्टैंडर्ड ने पिछले दिनों एक सर्वे लीक किया था, जिसके मुताबिक 2017-18 में बेरोजगारी दर बढ़कर 45 साल के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गई। इस दौरान बेरोजगारी दर 6.1 फीसदी रही। हालांकि, नीति आयोग ने सर्वे को अधूरा बताया था और रिपोर्ट पर सवाल खड़े किए थे। आर्थिक मामलों के जानकारों ने इस रिपोर्ट पर गंभीर चिंता जाहिर की है। रिपोर्ट में की गई तुलना के मुताबिक, यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान 2011-12 में बेरोजगारी दर 2.2 प्रतिशत थी।

एलएफपीआर के मामले में महिलाओं का आंकड़ा काफी विचार करने वाला है। 2011-12 की तुलना में 2017-18 में महिलाओं के लिए एलएफपीआर 8 फीसदी गिरकर 23.3 फीसदी रहा। जबकि, पुरुषों के लिए 4 पीसदी गिरावट के साथ 75.8 फीसदी रहा। ऐसे में देश की सिर्फ एक चौथाई महिलाएं ही काम कर रही हैं या फिर काम की तलाश में हैं। मीडिया रिपोर्ट की माने तो सरकार इस सर्वे को सार्वजनिक नहीं कर रही है। हालांकि, सरकार की तरफ से सफाई दी गई है कि NSSO जुलाई 2017 से दिसंबर 2018 के आंकड़ों को दोबारा देख रही है और इसे पूरा होने के बाद ही रिपोर्ट जारी की जाएगी।