मोदी सरकार ने निर्भया कोष का इस्तेमाल भवनों के निर्माण में किया, संसदीय समिति ने जताया सख्त ऐतराज

संसद की एक समिति ने निर्भया कोष का इस्तेमाल भवनों के निर्माण में किए जाने पर सख्त ऐतराज जताया है. समिति ने कहा है कि इस तरह के आवंटन महिलाओं की सुरक्षा के उद्देश्य को नाकाम करते हैं.

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की अध्यक्षता वाली गृह मामलों पर संसद की स्थायी समिति ने कहा है, ‘‘समिति का यह दृढ़ विचार है कि भवनों के निर्माण के लिए धन अन्य स्रोतों से आना चाहिए और यह निर्भया कोष से न लिया जाए.’’

समिति ने राज्यसभा में सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि निर्भया कोष का इस्तेमाल भवनों के निर्माण में नहीं किया जाना चाहिए. इस तरह के आवंटन इसके उद्देश्य को नाकाम करते हैं. समिति ने कहा कि यह इस बात की पुरजोर सिफारिश करती है कि गृह मंत्रालय को निर्भया कोष से
भवनों के निर्माण जैसी योजनाओं के लिए कोष आवंटन से बचना चाहिए और इसके मूल उद्देश्यों पर ही बने रहना चाहिए.

निर्भया कोष तत्कालीन संप्रग सरकार ने 2013 में बनाया था. इसका उद्देश्य देश भर में महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ाना है.

दिल्ली में साल 2012 में एक लड़की से हुए सामूहिक बलात्कार के बाद राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन होने और जनाक्रोश के बाद इस कोष की स्थापना की गई थी.

रिपोर्ट में समिति ने सिफारिश की है कि मंत्रालय को महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने वाली नवोन्मेषी
प्रौद्योगिकी संचालित परियोजनाओं की पहचान के लिए गंभीर कोशिशें करनी चाहिए और उनके
क्रियान्वयन के लिए अतिरिक्त कोष की व्यवस्था की जानी चाहिए.