नागरिकता बिल का विरोध: अब मेघालय के मुख्यमंत्री संगमा ने दी एनडीए से अलग होने की धमकी

पूर्वोत्तर भारत में नागरिकता संशोधन विधेयक पर हो रहे विरोध ने एक नया मोड़ ले लिया
है. नेशनल पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष और मेघालय के मुख्यमंत्री कोनार्ड संगमा ने एनडीए से अलग होने की धमकी दी है. संगमा ने कहा कि अगर यह विधेयक राज्यसभा में पारित होता है तो उनकी पार्टी केंद्र में सत्तारूढ़ राजग से अलग हो जाएगी.

एनपीपी मणिपुर और अरुणाचल में बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार का समर्थन कर रही है, जबकि मेघालय में बीजेपी, एनपीपी का समर्थन कर रही है. संगमा ने पूर्वोत्तर की दूसरी पार्टियों से भी नागरिकता संशोधन विधेयक का समर्थन नहीं करने की अपील की है.

संगमा ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया, ‘‘पार्टी ने एकमत से एक प्रस्ताव अपनाया है जिसमें नागरिकता संशोधन विधेयक 2016 का विरोध करने का निर्णय किया गया है. अगर यह विधेयक पारित हो जाता है तो एनपीपी राजग के साथ अपना गठबंधन तोड़ देगा.’’

कुछ दिन पहले पूर्वोत्तर की 11 राजनीतिक पार्टियों ने इस बिल के खिलाफ एकजुट होकर सरकार से इसे रद्द करने की मांग की थी. उस समय कोनार्ड संगमा ने कहा था कि अगर केंद्र सरकार इस बिल को राज्यसभा में लेकर जाती है तो हम उचित समय पर फैसला कर लेंगे.

आठ जनवरी को लोकसभा में पारित हुआ नागरिकता संशोधन विधेयक, बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के गैर-मुस्लिमों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान करता है. पूर्वोत्तर में कई संगठनों ने इस विधेयक का यह दावा करते हुए विरोध किया है कि विधेयक क्षेत्र के मूलनिवासियों के अधिकारों को कमतर कर देगा.