550 करोड़ न चुकाने के मामला: एरिक्सन की अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए अनिल अंबानी, बुधवार को सुनवाई

एरिक्सन की अवमानना याचिका पर रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के चेयरमैन अनिल अंबानी व कंपनी के तीन अन्य अधिकारी मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए।

हालांकि जस्टिस रोहिंटन एफ. नरीमन और जस्टिस विनीत सरन की पीठ ने मामले की सुनवाई बुधवार तक टाल दी। चूंकि उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने से पीठ ने छूट नहीं दी है, इसलिए उन्हें बुधवार को भी कोर्ट में पेश होना होगा।

इससे पहले 07 जनवरी 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने एरिक्सन की याचिका पर रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के चेयरमैन अनिल अंबानी व अन्य को अवमानना का नोटिस जारी कर उनकी ओर से जवाब मांगा था। अनिल अंबानी को पेश होने से छूट भी नहीं दी गई थी।

दरअसल एरिक्सन इंडिया कंपनी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की कार्यवाही शुरु करने की याचिका दाखिल की है। हालांकि रिलांयस की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और मुकुल रोहतगी ने एरिक्सन को देने के लिए 118 करोड सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा कराने का ऑफर भी दिया और सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस आर. एफ. नरीमन ने इस पर असंतुष्टी जताई थी लेकिन इसे रिकॉर्ड पर ले लिया था।

हालांकि एरिक्सन के वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आरकॉम पर एरिक्सन के 550 करोड़ रुपए बकाया हैं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने आरकॉम को 15 दिसंबर 2018 तक यह रकम चुकाने के लिए कहा था लेकिन कंपनी यह भुगतान नहीं कर पाई। एरिक्सन का कहना है कि यह अदालत की अवमानना है।

सुप्रीम कोर्ट ने बीते साल 23 अक्टूबर को आरकॉम को कहा था कि वह एरिक्सन को 15 दिसंबर तक रकम का भुगतान करे। रकम चुकाने में देरी हुई तो सालाना 12% के हिसाब से ब्याज देना पड़ेगा। इस दौरान आरकॉम ने जियो के साथ असेट बिक्री की डील अटकने का हवाला देते हुए कोर्ट से और समय मांगा था और कोर्ट ने उसे 15 दिसंबर तक भुगतान का आखिरी मौका दिया था।