सुप्रीम कोर्ट का सरकार को निर्देश- दो महीनों में करो सूचना आयुक्‍तों की नियुक्तियां, शर्तें भी लगाईं

कोर्ट ने एडिश्नल सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद से कहा, “चयन समिति के मुताबिक, यह श्रेणी (नौकरशाह) ही इसके लिए योग्य है, पर इसमें कोई दोराय नहीं है कि आईएएस पास करने और 30 से 35 साल तक काम करने के बाद बहुत सारे अच्छे लोग भी होते हैं।” जनसत्ता ऑनलाइन के मुताबिक कोर्ट में सुनवाई के दौरान इस ओर भी ध्यान दिलाया गया कि कुल 280 आवेदकों में चयन समिति ने केवल 14 नौकरशाहों को शॉर्टलिस्ट किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार को निर्देश दिया है कि वह दो महीनों के भीतर केंद्रीय सूचना आयुक्तों (सीआईसी) की नियुक्तियां करे। कोर्ट ने इसी के साथ नियुक्तियों को लेकर कुछ शर्तें भी लगाई हैं। शुक्रवार (15 फरवरी, 2019) को कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, “सीआईसी का दर्जा भी मुख्य चुनाव आयुक्त के बराबर का होना चाहिए।”

दरअसल, आरटीआई कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज ने केंद्रीय आयोगों में रिक्तियों को लेकर जनहित याचिका दाखिल की थी। कोर्ट का हालिया फैसला उसी पर आया, जो कि केंद्र के लिए झटके के रूप में देखा जा रहा है। वजह- केंद्र ने सीआईसी के पदों को सिर्फ नौकरशाहों तक सीमित रखा था और उनकी नियुक्तियां सरकार ही कर सकती थी।

जस्टिस एके सीकरी और अब्दुल नजीर ने की दो जजों वाली बेंच ने कहा कि आरटीआई अधिनियम के तहत सीआईसी का चयन सिर्फ नौकरशाहों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए और इसके लिए पेशेवर क्षेत्र के व अनुभवी लोगों को भी तरजीह मिलनी चाहिए।

कोर्ट ने एडिश्नल सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद से कहा, “चयन समिति के मुताबिक, यह श्रेणी (नौकरशाह) ही इसके लिए योग्य है। इसमें कोई दोराय नहीं है कि आईएएस पास करने और 30 से 35 साल तक काम करने के बाद बहुत सारे अच्छे लोग होंगे। फिर अन्य क्षेत्रों मसलन शिक्षा, पत्रकारिता, विज्ञान और वकालत से लोगों को क्यों नहीं चुना जाता है?”

भर्तियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सूचना आयोगों में सदस्यों की संख्या बढ़ाने की सिफारिश की और छह महीनों के भीतर वहां वैकेंसियां भरने के लिए कहा। कोर्ट ने कहा कि सरकार नियुक्तियों को लेकर पारदर्शी रही है, लिहाजा उसने सीआईसी के पद पर आवेदन करने वालों को छांटने के पैमाने को सावर्जनिक करने का निर्देश भी दिया है। सुनवाई के दौरान इस ओर भी ध्यान दिलाया गया कि कुल 280 आवेदकों में चयन समिति ने केवल 14 नौकरशाहों को शॉर्टलिस्ट किया था।