शेल्‍टर होम केस: कोर्ट के आदेश पर नीतीश कुमार के खिलाफ होगी CBI जांच, बढ़ सकती हैं सीएम की मुश्किलें

बिहार की पोक्सो अदालत ने सीबीआई को यह निर्देश शेल्टर होम केस मामले में एक आरोपी अश्विनी की याचिका पर शुक्रवार को दिया है।

जनसत्ता ऑनलाइन के मुताबिक बिहार के बहुचर्चित मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस मामले में बिहार के सीएम नीतीश कुमार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल बिहार की एक अदालत ने अपने आदेश में सीबीआई को निर्देश दिया है कि वह मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस मामले में बिहार के सीएम नीतीश कुमार और दो वरिष्ठ नौकरशाह के खिलाफ भी जांच करे। बिहार की पोक्सो अदालत ने सीबीआई को यह निर्देश शेल्टर होम केस मामले में एक आरोपी अश्विनी की याचिका पर शुक्रवार को दिया है।

बता दें कि अश्विनी पर आरोप है कि वहीं शेल्टर होम की बच्चियों को बेहोशी के इंजेक्शन देता था, जिसके बाद बच्चियों का शारीरिक शोषण किया जाता था। पीटीआई की एक खबर के अनुसार, अश्विनी ने कोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में कहा है कि सीबीआई मामले की जांच से जुड़े ‘कुछ तथ्यों’ को दबाने का प्रयास कर रही है। यदि मुजफ्फरपुर के पूर्व डीएम धर्मेंद्र सिंह, मुजफ्फरपुर के पूर्व डिवीजनल कमिश्नर और सामाजिक कल्याण विभाग के मौजूदा मुख्य सचिव अतुल कुमार सिंह और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पूछताछ की जाती है तो ये तथ्य सामने आ सकते हैं।

बता दें कि जून 2018 में मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशेल साइंसेज ने अपनी एक रिपोर्ट में मुजफ्फपुर शेल्टर होम केस का खुलासा किया था। घटना के खुलासे के बाद बिहार सरकार पर राजनैतिक दबाव काफी बढ़ गया, जिसके बाद 26 जुलाई, 2018 को मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस का मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर गिरफ्तार हो चुका है। वहीं ब्रजेश ठाकुर से नजदीके के चलते बिहार की पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा भी गिरफ्तार हो चुके हैं और मंजू वर्मा को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। फिलहाल मंजू वर्मा खुद न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस बिहार से दिल्ली के साकेत स्थित विशेष पॉक्सो कोर्ट में शिफ्ट करने का आदेश दिया था। इसके साथ ही कोर्ट ने इस मामले की रोज सुनवाई करने के भी निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 6 माह में पूरी कर लेने के आदेश दिए हैं।