पुलवामा आतंकी हमला: सर्वदलीय बैठक बुलाई पर खुद रैली करने निकल गए पीएम, टि्वटर पर हुई खिंचाई

सर्वदलीय बैठक बुलाने के बाद खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रैली करने निकल गए, जिसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी जमकर खिंचाई की।

जनसत्ता ऑनलाइन के मुताबिक पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत की दृढ़ता दिखाते हुए शनिवार (16 फरवरी) को सभी दलों की बैठक हुई। बैठक में इस बात को रेखांकित किया कि हम भारत की एकता और अखंडता की रक्षा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमारे सुरक्षा बलों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भाजपा और कांग्रेस सहित सभी दलों ने एक प्रस्ताव पारित करते हुए आतंकवादी हमले और सीमा-पार से उसे मिल रहे समर्थन की निंदा की। प्रस्ताव में पाकिस्तान का नाम नहीं लिया गया लेकिन इस बात पर जोर दिया गया कि भारत सीमा पार से आतंकवादी खतरे का सामना कर रहा है जिसे हाल ही में पड़ोसी देश के बलों द्वारा काफी प्रोत्साहित किया जा रहा है। हालांकि, सर्वदलीय बैठक बुलाने के बाद खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रैली करने निकल गए, जिसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी जमकर खिंचाई की।

कुलदीप तिवारी ने लिखा, “आज मोदी ने सर्वदलीय बैठक छोड़ दी और महाराष्ट्र फोटो ओप शुभारंभ कार्यक्रम में भाग लिया। शर्मनाक।

विकास सिंह ने लिखा, “सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने की। इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री द्वारा क्यों नहीं की गई? पीएम मोदी सिर्फ चुनावी रैली के लिए हैं?

एक अन्य यूजर ने लिखा, “क्या मोदी जी को महराष्ट्र रैली की जगह सर्वदलीय रैली को प्राथमिकता नहीं देनी चाहिए थी?”

इसी तरह एक और यूजर लिखते हैं, “पुलवामा हमले को लेकर हुए सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी क्यों नहीं शामिल हुए? क्या वह चुनावी अभियान में व्यस्त हैं? गृहमंत्री राजनाथ सिंह द्वारा उल्लेखित नोट में पाकिस्तान का नाम क्यों नहीं है? कौन डरा हुआ है?

सुरेश कुमार लिखते हैं, “आतंकी हमले को लेकर सर्वदलीय बैठक का नेतृत्व करने के लिए पीएम मोदी के पास समय नहीं है। उनके पास अपनी पार्टी की गतिविधियों के लिए काफी समय है। वे भाजपा पार्टी के अध्यक्ष के लिए एक उपयुक्त विकल्प हैं।”

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने यह बैठक बुलाई जिसमें कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा एवं ज्योतिरादित्य सिंधिया, तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय एवं डेरेक ओ’ब्रायन, शिवसेना के संजय राउत, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के जितेंद्र रेड्डी, भाकपा के डी राजा, नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारुक अब्दुल्ला और लोजपा के रामविलास पासवान समेत कई अन्य नेता शामिल हुए। अकाली दल के नरेश गुजराल, रालोसपा के उपेंद्र कुशवाहा और राजद जय प्रकाश नारायण यादव ने भी बैठक में शामिल रहे।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि दलों को पुलवामा में हुए हमले और सरकार ने अब तक इस संबंध में क्या-क्या कदम उठाएं हैं इस बारे में सूचित किया। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर हुए सबसे बड़े आतंकवादी हमलों में से एक में सीआरपीएफ के कम से कम 40 जवान शहीद हो गए। पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।