वंदे भारत: कल नरेंद्र मोदी ने दिखाई हरी झंडी, अगले ही दिन फेल हुआ सबसे तेज ट्रेन का इंजन

New Delhi: Vande Bharat Express, India's first semi-high speed train, at New Delhi Railway Station, Friday, Feb.15, 2019. The train will run between Delhi-Varanasi. (PTI Photo/Kamal Singh) (PTI2_15_2019_000063B)

ट्रेन में खराबी के चलते रविवार को इसके पहले कमर्शियल रन को लेकर स्थितियां साफ नहीं हैं।

जनसत्ता ऑनलाइन के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार भारत की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ को शुक्रवार नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सबसे तेज ट्रेन ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ को हरी झंडी देने के एक दिन बाद ही इसमें खराबी आ गई। शनिवार (16 फरवरी, 2019) सुबह ट्रेन जब दिल्ली से करीब 200 किलोमीटर की दूरी पर थी तब इसमें खराबी आ गई। वंदे भारत एक्सप्रेस को रविवार के लिए अपने पहले कमर्शियल रन के लिए वाराणसी से नई दिल्ली वापस लाया जा रहा था। इस दौरान ट्रेन का इंजन फेल हो गया। इसके आखिरी डिब्बे का ब्रेक भी जाम हो गया और कुछ कोचों की बिजली चली गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार सुबह-सुबह के वक्त ट्रेन के पिछले डिब्बे से संदिग्ध आवाजें आना शुरू हो गईं। इसके बाद पहियो में रुकावट आने लगी और पिछले कोच के ब्रेक जाम हो गए। घटना उत्तर प्रदेश के टुंडा जक्शन से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर घटी। ब्रेकिंग सिस्टम और बिजली सप्लाई में समस्या आने के बाद इंजीनियर प्रिंसिपल चीफ मैकेनिक इंजीनियर उत्तर रेलवे के संपर्क में हैं। खबर है कि ट्रेन को ठीक करने के लिए दिल्ली की जगह निकटम मेंटेनेंस शेड में ले जाया जाएगा। ट्रेन में खराबी के चलते रविवार को इसके पहले कमर्शियल रन को लेकर स्थितियां साफ नहीं हैं।

बता दें कि पुलवामा आतंकवादी हमलों की पृष्ठभूमि में गमगीन माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार भारत की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ को शुक्रवार नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाई थी। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘दिल्ली से वाराणसी की अपनी पहली यात्रा पर आज रवाना हुई वंदे भारत एक्सप्रेस के डिजाइनरों और इंजीनियरों का मैं आभारी हूं। पिछले साढ़े चार साल में अपनी ईमानदारी और कड़ी मेहनत से हमने रेलवे को सुधारने का प्रयास किया है।’’ट्रेन के दिल्ली से वाराणसी का सफर नौ घंटे और 45 मिनट में पूरा करने का दावा किया गया।

इसके अलावा रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि यात्रा के दौरान लोगों से मिली प्रतिक्रिया के बाद हमने 100 ट्रेन सेट बनाने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा, ‘‘जब ये ट्रेन सेट भारत के अलग अलग इलाकों में चलेंगे तो देश का कोई भी इलाका इस अत्याधुनिक सुविधा वाली ट्रेन से वंचित नहीं रहेगा। विदेश से इस ट्रेन के आयात के मुकाबले आधे खर्च में इसे भारत में बनाया गया है।’’