पुलवामा हमला: रॉ के पूर्व चीफ ने भी सुरक्षा में चूक पर लगाई मुहर, कहा- बिना चूक के नहीं हो सकता ऐसा हमला

पुलवामा आतंकी हमला सुरक्षा में बड़ी चूक का नतीजा था। इस बात पर अब रॉ के पूर्व चीफ विक्रम सूद ने भी मुहर लगा दी है। हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए सूद ने कहा कि इस तरह का हमला बिना सुरक्षा में चूक के नहीं हो सकता है।

नवजीवन के मुताबिक पुलवामा आतंकी हमले पर केंद्र की मोदी सरकार भले ही कड़ी कार्रवाई की बात कर रही हो, लेकिन इस बात को उसे स्वीकार करना पड़ेगा कि कई गलतियां हुईं हैं, जिसके चलते इतने बड़े हमले को अंजाम देने में आतंकवादी कामयाब रहे। सेना और रॉ के पूर्व अधिकारी भी इस बात पर मुहर लगा रहे हैं। रॉ के पूर्व चीफ विक्रम सूद ने पुलवामा आतंकी हमले को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं मालूम की कमी कहां हुई, लेकिन मैं कह सकता हूं कि इस तरह का हमला बिना सुरक्षा में चूक के नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि इसमें सिर्फ हमलावर ही नहीं और भी कई लोग शामिल होंगे।

इससे पहले न्यूज़ पोर्टल ‘द क्विंट’ ने सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से खबर छापी थी, जिसमें कहा गया था कि सीआरपीएफ ने इस हफ्ते की शुरुआत में गृह मंत्रालय से एयर ट्रांजिट की मांग की थी। लेकिन उनकी इस मांग पर गृह मंत्रालय ने कोई ध्यान नहीं दिया।

सीआरपीएफ के अधिकारी ने बताया था कि जम्मू में बर्फबारी की वजह से कई जवान फंस गए थे। अधिकारी के मुताबिक, पिछले काफिले ने 4 फरवरी को यात्रा शुरू की थी। इसलिए सीआरफीएफ हेडक्वार्टर को एयर ट्रांजिट के लिए अपील की गई थी। अधिकारी ने बताया कि सीआरपीएफ हेडक्वार्टर ने रिक्वेस्ट, गृह मंत्रालय के पास बढ़ा दी थी, लेकिन मत्रालय की तरफ से कुछ नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि जवानों को हवाई रास्ते से ले जाना न सिर्फ सुरक्षित होता है, बल्कि इसमें पैसा भी कम खर्च होता है, साथ ही कम समय भी लगता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सीआरपीएफ जवान द्वारा जम्मू से श्रीनगर यात्रा शुरू करने से महज 6 दिन पहले हमले को लेकर खुफिया जानकारी मिली थी। 8 फरवरी को इंटेलिजेंस ब्यूरो ने सीआरपीएफ को एक पत्र लिखा था। इंटेलीजेंस ब्यूरो ने सीआरपीएफ से पत्र में कहा था, जिस इलाके से जवानों को ले जाया जा रहा है, उस रास्ते से गुजरने से पहले इलाके को अच्छी तरह से साफ कर लिया जाए। यही नहीं इंटेलीजेंस ब्यूरो ने आईडी धमाके की भी आशंका जताई थी।

हालांकि गृह मंत्रालय ने ‘द क्विंट’ की रिपोर्ट का खंडन किया है। मंत्रालय ने कहा है कि सीआरपीएफ ने एयर ट्रांजिट की इजाजत नहीं मांगी थी। लेकिन जानकारों का कहना है कि यह सारी बातें इशारा करती हैं कि कहीं न कहीं सरकार ओर से भी चूक हुई, जिसके चलते आतंकवादी इतने बड़े हमले को अंजाम देने में कामयाब हुए।