पुलवामा अटैक: सीआरपीएफ जवानों को एयरलिफ्ट करने का आग्रह क्यों ठुकराया? मोदी सरकार पर ममता का हमला

पुलवामा आतंकी हमले के बाद राजनीतिक दल एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करने से बच रहे थे। लेकिन, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हमले के संदर्भ में मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जनसत्ता ऑनलाइन के मुताबिक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार (18 फरवरी) को पुलवामा आतंकी हमले पर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी ने पुलवामा हमले पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है। टेलिग्राफ में छपी ख़बर के मुताबिक सोमवार (18 फरवरी) को ममता ने सरकार से पूछा कि जब सीआरपीएफ ने (जम्मू से कश्मीर) जवानों के लिए एयरलिफ्ट का आग्रह किया तो इसका इंतजाम क्यों नहीं किया गया? उन्होंने यह भी पूछा कि मोदी सरकार अपने प्रचार पर कितने पैसे खर्च करती है? गौरतलब है कि पिछले हफ्ते खबर आई कि पुलवामा हमले से पहले सीआरपीएफ ने अपने जवानों को जम्मू से कश्मीर ले जाने के लिए हवाई यात्रा की अनुमति मांगी थी, लेकिन सरकार द्वारा इसकी इजाजत नहीं दी। हालांकि, गृहमंत्रालय ने इस खबर का खंडन कर दिया।

रविवार (17 फरवरी) को गृहमंत्रालय ने कहा कि मीडिया में प्रकाशित सीआरपीएफ के हवाई यात्रा के अनुरोध वाली बात बिल्कुल गलत है। यह खबर सच नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि सीआरपीएफ के जवानों की आवाजाही के लिए विमान सेवा मुहैया कराई जाती रही है। लेकिन, सड़क मार्ग से भी यात्राएं होती रही हैं और आगे भी होंगी। गौरतलब है कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आत्मघाती आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए।

पुलवामा हमले के बाद देश में जारी राजनीतिक सीजफायर को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने खत्म करने का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि वह अब मोदी सरकार से सवाल पूछने के लिए मजबूर हो गई हैं। क्योंकि, अभी तक उन्होंने राष्ट्रीय एकता का लिहाज करते हुए चुप्पी साधे हुए थीं। लेकिन, हमले का जिस तरह से पीएम मोदी और अमित शाह राजनीतिकरण कर रहे हैं, ऐसे में उनका बोलना जरूरी हो गया है। टेलिग्राफ के मुताबिक ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा, “हम चुप थे। विपक्ष ने निर्णय लिया था कि घटना के बाद ऐसी घड़ी में हम केंद्र सरकार के साथ खड़े रहेंगे। क्योंकि, हमें इस घड़ी में एकजुट रहने की जरूरत है। लेकिन, मोदी बाबू और शाह जी भाषण में रोजाना इसका (पुलवामा हमला) राजनीतिकरण कर रहे हैं। उनके भाषण से लगता है कि देश में बस वहीं एक राष्ट्रभक्त हैं, जबकि बाकी यहां विदेशी और आतंकी हैं। यह सही नहीं है।”

गौरतलब है कि ममता बनर्जी का मोदी सरकार के खिलाफ यह आक्रामक रुख तब सामने आया है, जब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया का सबसे ताकतवर नेता करार दिया। ममता बनर्जी ने पुलवामा आतंकी हमले पर केंद्र सरकार के खिलाफ एक साथ कई सवालों की झड़ी लगा दी। उन्होंने पूछा, “चुनाव से ठीक पहले और संसद सत्र खत्म होने के बाद ऐसी घटना (पुलवामा अटैक) क्यों घटी?” तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ने मोदी सरकार से यह भी पूछा, “आपने पाकिस्तान को यह मौका (आतंकी हमला) कैसे दे दिया? पांच सालों के भीतर आपने क्या एक्शन लिए हैं? चुनाव से ठीक पहले क्या आप युद्ध कराना जरूरी समझते हैं? आप लोगों की जिंदगियों से खेलना चाहते हैं?”

उन्होंने सीआरपीएफ के 2,500 जवानों को सड़क मार्ग द्वारा 78 बसों में ले जाने पर भी सवाल खड़े किए और पूछा, “जब खुफिया जानकारी (हमले को लेकर) थी, तो सरकार ने उन्हें (जवानों को) जाने की इजाजत क्यों दी?”