मोदी सरकार ने पाकिस्तानी सेना का बयान दिखाने पर 13 न्यूज चैनलों को नोटिस भेजा

एक बड़ी खबर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से आ रही है. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता की प्रेस कांफ्रेंस को लाइव दिखाने से नाराज मोदी सरकार ने देश के 13 न्यूज चैनलों को नोटिस भेजा है. इन न्यूज चैनलों में कपिल सिब्बल वाला हालिया लांच चैनल तिरंगा टीवी भी है.

यही नोटिस न्यूज18इंडिया, एबीपी न्यूज, सूर्या समाचार, न्यूज नेशन, जी हिंदुस्तान, टोटल टीवी, एबीपी माझा, न्यूज18लोकमत, जय महाराष्ट्रा, न्यूज18गुजराती, न्यूज24, संदेश न्यूज को भी भेजे गए हैं.

सरकार ने पहले ही पुलवामा अटैक के कारण न्यूज चैनलों को सावधानी बरतने के संबंध में एडवाइजरी जारी की थी. ऐसा लॉ एंड आर्डर को मेनटेन रखने और हिंसक गतिविधियों को उकसावा न दिए जाने के मकसद से किया गया था. तिरंगा टीवी को भेजे नोटिस में कहा गया है कि पुलवामा टेरर अटैक के बाद पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर की प्रेस ब्रीफिंग को लगातार बीस मिनट 45 सेकेंड तक लाइव दिखाकर चैनल ने भारत सरकार द्वार जारी एडवाइजरी का उल्लंघन किया है. चैनल को सात दिन के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है.

देखें नोटिस की प्रति…

पाकिस्तानी सेना का बयान चलाने के लिए चैनलों को नोटिस

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने निजी समाचार चैनलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. एबीपी न्यूज़ और तिरंगा टीवी ने 22 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले पर पाकिस्तानी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता की प्रेस कॉन्फ्रेंस को प्रसारित किया था. 23 फरवरी को जारी किए नोटिस में कहा गया है कि एबीपी न्यूज़ और तिरंगा टीवी ने केबल प्रोग्राम कोड के दो प्रावधानों का “उल्लंघन” किया है.

वीकोन मीडिया ब्रॉडकास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व वाले तिरंगा टीवी को नोटिस जारी करते हुए मंत्रालय ने कहा है कि चैनल ने 22 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले पर पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर का बयान प्रसारित किया था.

नोटिस में कहा गया है कि तिरंगा टीवी ने केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 प्रोग्राम कोड के दो प्रावधानों का उल्लंघन किया है.

प्रोग्राम कोड के नियम 6 (1) (ई) के अनुसार, ऐसे किसी भी कार्यक्रम का प्रसारण नहीं किया जाना चाहिए जो हिंसा को प्रोत्साहित या राष्ट्र-विरोधी दृष्टिकोण को बढ़ावा देता हो.

वहीं, नियम 6 (1) (एच) राष्ट्र की अखंडता को प्रभावित करने वाले किसी भी कार्यक्रम के प्रसारण पर प्रतिबन्ध लगाता है.

नोटिस में बताया गया है कि पाकिस्तान प्रवक्ता का बयान 20 मिनट 45 सेकेंड तक चला और यह सीधे तौर पर प्रोग्राम कोड का उल्लंघन था. इस प्रसारण ने साथ-साथ हमले की तारीख को मंत्रालय द्वारा जारी सलाह की भी अवहेलना की.

14 फरवरी को सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी की थी. इसमें टीवी चैनलों को ऐसे किसी भी प्रसारण को करने से मना किया था जिससे कानून-व्यवस्था को खतरा पैदा हो या राष्ट्र-विरोधी दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलता हो.

चैनलों को कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 7 दिनों का समय दिया गया है.

वीकोन मीडिया एंड ब्रॉडकास्टिंग के अध्यक्ष दीपक चौधरी ने कहा कि नोटिस मिलने से चैनल हैरान था. उन्होंने कहा कि चैनल सभी भारतीयों की तरह पुलवामा में हुए आतंकी हमले से नाराज था और सशस्त्र बलों के साथ मजबूती से खड़ा था. उन्होंने कहा कि तिरंगा टीवी का प्रसारण इस बात पर केन्द्रित था कि पाकिस्तान को आतंकवाद को पनाह देने की कीमत चुकानी पड़ेगी. गफूर की प्रेस कॉन्फ्रेंस केवल इस व्यापक समझ के हिस्से के तौर पर ही चलाई गई थी.

उन्होंने कहा कि अन्य चैनलों ने परवेज मुशर्रफ के साथ बड़ा साक्षात्कार किया है, जो कारगिल के लिए जिम्मेदार थे. चौधरी ने जोड़ा कि शेख राशिद एक जाने-माने भारत-विरोधी थे, लेकिन, इन चैनलों को कोई नोटिस नहीं मिला. जबकि, तिरंगा टीवी ने पाकिस्तानी मेहमानों को चर्चाओं के लिए कभी नहीं बुलाया है.