IAF Strike से तिलमिलाया पाकिस्तान बोला- वायुसेना की कार्रवाई को लेकर भारत का दावा काल्पनिक

Putrajaya : Pakistan's Prime Minister Imran Khan speaks during a press conference in Putrajaya, Malaysia, Wednesday, Nov. 21, 2018.AP/PTI(AP11_21_2018_000018B)

पाकिस्तान ने आतंकी ठिकानों पर भारत के हवाई हमलों के दावों को पूरी तरह से नकार दिया है. पाकिस्तान स्थित बालाकोट में भारतीय हवाई हमलों के बाद हुई बैठक में प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाकिस्तानी सेना और नागरिकों को किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा है.

खबरों के मुताबिक पाकिस्तान ने इस बैठक में संकल्प लिया है कि वो भारत की गैरजरूरी आक्रमकता का जवाब अपने तरीके से अपनी पसंद के स्थान और समय पर देगा.

दिल्ली में अधिकारियों ने जानकारी दी कि भारत ने मंगलवार की सुबह पाकिस्तान में जैश ए मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर पर हमला कर उसे नष्ट कर दिया. हमले में ‘‘काफी संख्या में’’ आतंकवादी उनके ट्रेनर और वरिष्ठ कमांडर मारे गए.

इस्लामाबाद में एनएससी की बैठक के बाद एक बयान में कहा गया, ‘‘फोरम (एनएससी) भारत के दावे को पूरी तरह खारिज करता है कि उसने बालाकोट के नजदीक एक कथित आतंकवादी शिविर को निशाना बनाया और भारी क्षति पहुंचाई. भारत की सरकार ने एक बार फिर काल्पनिक दावे किए हैं.’’

इसमें दावा किया गया है कि ‘‘चुनावी माहौल में अपने घरेलू फायदे के लिए कार्रवाई की गई जिससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को गंभीर खतरा पहुंचा है.’’

बयान में कहा गया, ‘‘फोरम का मानना है कि भारत ने गैर जरूरी आक्रामकता अपनाई जिसका पाकिस्तान अपनी पसंद के स्थान और समय पर जवाब देगा.’’

एनएससी ने दुनिया की मीडिया को जमीनी हकीकत दिखाने के लिए आमंत्रित किया और घटनास्थल का दौरा करने का प्रस्ताव दिया.

बयान में कहा गया है कि राष्ट्र को विश्वास में लेने के लिए सरकार ने संसद का संयुक्त सत्र बुलाने का निर्णय किया है. इसमें कहा गया है कि क्षेत्र में भारत की ‘‘गैर जवाबदेही वाली नीति का भांडाफोड़’’ करने के लिए खान वैश्विक नेतृत्व के साथ वार्ता भी करेंगे.

इसके अलावा प्रधानमंत्री इमरान खान ने राष्ट्रीय कमान प्राधिकरण (एनसीए) की बुधवार को विशेष बैठक बुलाई है.

बाद में रक्षा और वित्त मंत्री के साथ संवाददाता सम्मेलन करते हुए कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान ‘‘भारतीय आक्रामकता का जवाब’’ देगा.

उन्होंने घोषणा की कि वर्तमान स्थिति पर लोगों एवं अन्य दलों को विश्वास में लेने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है जिसमें वह, वित्त मंत्री और रक्षा मंत्री शामिल हैं.