पाकिस्‍तानी पीएम इमरान खान बोले- जंग होने पर हालात न तो मेरे बस में होंगे और न नरेंद्र मोदी के

पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि जंग के हालात बनने पर इसे नियंत्रित करना न तो मेरे बस में होगा और न हीं नरेंद्र मोदी के बस में।

जनसत्ता ऑनलाइन के मुताबिक पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि यदि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध शुरू हो जाता है तो इसे नियंत्रित करना न तो मेरे बस में रहेगा और न हीं नरेंद्र मोदी के बस में। उन्होंने टीवी पर दिये अपने बयान में दावा किया कि दो भारतीय मिग विमानों ने नियंत्रण रेखा पार की और पाकिस्तान ने उन्हें मार गिराया। पीटीआई के अनुसार, इमरान खान ने कहा, “अगर यह (स्थिति) बिगड़ती है तो यह मेरे या नरेंद्र मोदी के नियंत्रण में नहीं रह जाएगी। बेहतर भावना अवश्य बनी रहनी चाहिए। आइए, इसे वार्ता के जरिए हल करें।”

खान ने टीवी संबोधन में कहा, “हमारे द्वारा की गई कार्रवाई सिर्फ यह बताने को थी कि यदि आप हमारे देश में आते हो तो हम भी वही करेंगे। हमारे द्वारा की गई कार्रवाई में उनके (भारत) दो मिग विमान मार गिराए गए।” इमरान खान का यह बयान भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कांफ्रेस के बाद आया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, “पाकिस्तानी वायुसेना ने हमारे सैन्य कैंप को निशाना बनाने की कोशिश की। भारत ने उनके प्रयास को विफल कर दिया और इस कार्रवाई में हमारा एक पायलट गुम हो गया है। हमें एक मिग 21 विमान गंवाना पड़ा।”

इमरान ने कहा कि दोनों पक्षों को बुद्धिमानी से काम लेना चाहिए। सभी जानते हैं कि युद्ध गलत होता है और यह हमें कहां ले जाएगा, कोई नहीं जानता। उन्होंने कहा, “मैं भारत से कहता हूं कि आपके पास जो हथियार हैं और मेरे पास जो हथियार हैं, क्या हम सही में गलत करेंगे? यदि यह हालात आगे बढ़ता है, तो इसे नियंत्रित कर पाना न तो मेरे बस में रहेगा और न हीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बस में। इसलिए हमें एक साथ बैठना चाहिए और वार्ता के जरिए हल निकालना चाहिए।”

बीबीसी के मुताबिक भारत और पाकिस्तान में जारी तनाव के बीच बुधवार को पाकिस्तान ने भारत के दो लड़ाकू विमानों को मार गिराने और दो पायलटों को गिरफ़्तार करने का दावा किया था.

पाकिस्तान के इन दावों पर भारत ने मिग-21 लड़ाकू विमान गिरने और एक पायलट के ग़ायब होने की बात को स्वीकार किया है.

इन सबके बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने अपने देश को संबोधित किया और कहा कि उनकी सेना को मजबूरी में जवाब देना पड़ा.

इमरान ख़ान ने कहा कि दोनों मुल्कों के पास जो हथियार हैं और उन हथियारों के साथ युद्ध में जाया गया तो अंजाम का अंदाज़ा लगाया जा सकता है.

इमरान ख़ान ने कहा, ”मेरे पाकिस्तानियों… कल से जो हालात बन रहे हैं उस पर मुझे आपसे कुछ कहना था. पुलवामा के बाद मैंने हिन्दुस्तान को जांच में सहयोग का ऑफर दिया था. मुझे पता है कि ऐसे हमलों में पीड़ित परिवारों पर क्या गुजरता है. इसलिए हमने सीधा-सीधा ऑफर किया था. हमने ये इसलिए कहा था कि हमारी ज़मीन का इस्तेमाल हो दहशतगर्द के लिए ना हो.”

उन्होंने कहा, ”हमारी मजबूरी थी कि हम प्रतिक्रिया दें. कोई भी संप्रभु मुल्क ऐसे चुप नहीं बैठ सकता है. हम चुप रहकर ख़ुद को अपराधी नहीं बना सकते थे. हमने बुधवार को जवाब दिया और बताया कि आप हमारे मुल्क में आ सकते हैं तो मैं भी आ सकता हूं.”

इमरान ख़ान ने कहा, ”हम जानते हैं एक जो इस दुनिया से चले गए और जो जख्मी हुए उनके घर वालों पर क्या गुजर रही है. इसलिए हमने सीधा-सीधा हिंदुस्तान को ऑफर किया कि जिस तरह की भी आप जांच चाहते हैं तो पाकिस्तान उसके लिए तैयार है. यह पाकिस्तान के इंटरेस्ट में नहीं है कि पाकिस्तान की ज़मीन इस्तेमाल की जाए. पुलवामा को लेकर हम जांच के लिए तैयार थे. अगर आप हमें इसकी जांच के लिए सबूत देते तो हमारी मजबूरी होगी उस पर जवाब देना. लेकिन जब आप एक्शन लेंगे तो जवाबी कार्रवाई करना पड़ेगा.”