मोदी के राफेल पर बयान से फीका हुआ सेना का शौर्य, पाकिस्तान ने इस बयान को हाथों हाथ लपका

Kanyakumari: Prime Minister Narendra Modi speaks during a programme for the launch of various development projects, a road safety park and a transport museum in Kanyakumari, Friday, March 1, 2019. (PTI Photo) (PTI3_1_2019_000124B)

राफेल मुद्दे पर तमाम आलोचनाओं के बाद अब बीजेपी सरकार इसे अपने राजनीतिक प्रचार के लिए इस्तेमाल करने के प्रयास में है. लेकिन पाकिस्तान सहित पूरी दुनिया में इसका अलग ही संदेश जा रहा है. दरअसल राफेल दोबारा चर्चा में तब आया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक भाषण में इसका जिक्र किया. इंडिया टुडे कॉनक्लेव नाम के एक कार्यक्रम में बोलते हुए मोदी ने कहा कि अगर हमारे पास राफेल विमान होते तो बात कुछ और होती.

NewsPlatform के मुताबिक टेलीग्राफ में छपे एक विश्लेषण के मुताबिक नरेंद्र मोदी भारत-पाकिस्तान में तनाव के बीच हवाई कार्रवाई में भारतीय सेना की जीत में राफेल के महत्व को बता रहे थे. मोदी ने अपने वक्तव्य में कहा, “ राफेल पर स्वार्थनीति और अब राजनीति के कारण देश का बहुत नुकसान हुआ. राफेल की कमी आज देश ने महसूस की है. आज हिंदुस्तान एक स्वर में कह रहा है कि अगर हमारे पास राफेल होता, तो क्या होता.”

टेलीग्राफ लिखता है कि मोदी के राफेल पर बयान के बाद उनके उस प्रचार को धक्का लगा है जिसमें वे हालिया घटनाक्रम का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे थे.पुलवामा हमले के बाद पड़ोसी देश के साथ तनाव और पाकिस्तान में भारतीय वायु सेना की कार्रवाई के बाद बीजेपी इसे अपनी कामयाबी के तौर पर पेश करने में लगी हुई है. विपक्षी पार्टियां मोदी सरकार पर इस पूरे मुद्दे का राजनीतिकरण करने और वायु सेना की कार्रवाई का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश का आरोप लगा रही हैं.

मोदी का ये बयान उसी प्रचार का हिस्सा है जो विंग कमांडर अभिनंदन की वापसी के 24 घंटे से कम समय में शुरू हो चुका है. मोदी अपने भाषण के दौरान पायलट की वापसी का श्रेय लेने में पीछे नहीं रहे. उन्होंने कहा कि दुश्मन अब डर के साए में है.

मोदी के इस बयान के बाद जो सबसे महत्वपूर्ण सवाल उठता है वो ये है कि क्या हवाई कार्रवाई और पाकिस्तान के साथ हवाई झड़प योजना के मुताबिक नहीं हो सकी है?

उधर पाकिस्तान में सत्ताधारी पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ मोदी के इस बयान का इस्तेमाल अपनी बात को स्थापित करने में कर रही है. पार्टी की ओर से ट्वीट में कहा गया, “सच ज्यादा देर तक छिपेगा नहीं. फेक न्यूज मीडिया ने तमाम तरह की गलत सूचनाओं को फैलाया है, मोदी की इस भूल ने साबित कर दिया है कि हालिया झड़प में भारतीय वायु सेना की पैंतरेबाजी को पाकिस्तान ने फेल कर दिया है.”

मोदी के इस बयान ने एक तरह से भारतीय वायु सेना की कार्रवाई पर पानी फेर दिया. मोदी के ट्वीट का स्क्रीन शॉट लेकर पाकिस्तान में भारत की कमजोरी से संबंधित खबरें चलाई जा रही हैं.

पाकिस्तान में ‘मोदी ने हार स्वीकार की’ जैसी हेडलाइन के साथ मोदी के ट्वीट का इस्तेमाल देश और सेना की छवि धूमिल करने के लिया किया जा रहा है.

इमरान खान की पार्टी की ओर से किए गए ट्वीट में कहा गया है, “मोदी को ये बात मान लेनी चाहिए ये कोई कोरी कल्पना नहीं है, मोदी को परिणाम बदलने के लिए बेहतर विमान चाहिए थे. मोदी ने अपने सैनिकों को ऐसे विमान में भेजा जिसे विधवाएं बनाने वाला कहा जाता है, इस तरह से उन्होंने अपने सैनिकों की जान खतरे में डाल दी थी. जहां एक ओर सब शांति चाहते हैं मोदी युद्ध पर अटल हैं.”

पाकिस्तान से हुई हवाई झड़प के दौरान भारतीय विंग कमांडर मिग-21 विमान में सवार था. ये विमान काफी पुराने हैं और अक्सर दुर्घटनाओं के शिकार होते रहे हैं.

इधर भारत में भी विपक्षी पार्टियां मोदी के बयान पर सवाल उठाने लगी हैं. अब मोदी से सवाल पूछा जा रहा है कि परिणाम अलग होने की बात से वो क्या साबित करना चाहते हैं. क्या हो कहना चाहते हैं कि भारतीय सेना पाकिस्तान के सामने फेल हो गई है?

सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि मोदी जी हमारे बहादुर सैनिकों का अपमान करना बंद कीजिए.

उधर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी नरेंद्र मोदी के इस बयान को आड़े हाथों लिया है. राहुल ने एक ट्वीट में कहा, “मोदी जी आपको बिल्कुल भी शर्म नहीं आती? आपने 30 हजार की चोरी की है और अपने मित्र अनिल अंबानी को दे दिया है. राफेल की डील में देरी के लिए सिर्फ आप जिम्मेदार हो. आप मिग जैसे विमानों के जरिए अभिनंदन जैसे बहादुर सैनिकों की जान खतरे में क्यों डाल रहे हो?”

यूपीए के समय हुई राफेल डील को खत्म करने और नई डील शुरू करने वाले मोदी ही थे. अब मोदी राफेल के महत्व को तो गिना ही रहे हैं साथ ही सेना की कार्रवाई और बहादुरी का राजनीतिक फायदा भी उठाने में पीछे नहीं हैं.

बीजेपी अभिनंदन की वापसी को मोदी की लीडरशिप की कामयाबी के तौर पर प्रस्तुत करने में लगी हुई है. आम जन में ऐसे दिखाया जा रहा है कि मोदी अकेले दम पर सब कर रहे हैं.