सेना के चुनावी इस्तेमाल पर बरसे पूर्व नेवी चीफ, चुनाव आयोग से कहा- यह चीज सैन्य बलों को खत्म कर देगी

एडमिरल (सेवानिवृ्त्त) एल.रामदास बोले, “हमारी ईसी से अपील है कि वह इस मामले में फौरन दखल दे और राजनीतिक दलों को इस संबंध में कड़ा संदेश जारी करे।” एडमिरल (सेवानिवृत्त) एल.रामदास मैग्सेसे अवार्ड से नवाजे जा चुके हैं। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

जनसत्ता ऑनलाइन भारतीय जल सेना (नेवी) के पूर्व मुखिया लक्ष्मीनारायण रामदास हाल में बालाकोट एयरस्ट्राइक और सेना के राजनीतिकरण पर जमकर बरसे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग (ईसी) को इस बाबत चिट्ठी लिखकर चिंता जताई। नाराजगी जताते हुए उन्होंने उसके जरिए कहा कि यह अस्वीकार्य है। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टियां सेना का इस्तेमाल कर अपना एजेंडा आगे बढ़ा रही हैं, जबकि ये चीजें हमारे सैन्य बलों को खत्म कर सकती हैं। रामदास ने इसके अलावा ईसी से कहा कि वह सेना का राजनीतिकरण बंद कराने को लेकर जल्द से जल्द कुछ करे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईसी से एडमिरल एल.रामदास ने कहा कि वह यह चिट्ठी सैन्य बलों के बाकी पूर्व अधिकारियों की ओर से भी लिख रहे हैं। उन्होंने आगे लिखा, “कुछ राजनीतिक दल (पुलवामा हमले और पाक में एयरस्ट्राइक के बाद) तस्वीरों, यूनिफॉर्म और अन्य चीजों के जरिए अपना एजेंडा आगे बढ़ा रहे थे। वे सार्वजनिक जगहों, सोशल मीडिया और रैलियों-जनसभा में सैन्य बलों और राजनेताओं के साथ वाले फोटो (विभिन्न स्वरूपों में) साझा कर रहे थे।”

बकौल पूर्व नेवी चीफ, “चूंकि ये चीजें सैन्य बलों के मूल्यों और भारतीय संविधान की मूल भावना को खत्म कर सकती हैं, लिहाजा इन्हें किसी भी रूप में स्वीकारा नहीं जा सकता। ऐसे में हमारी ईसी से अपील है कि वह फौरन दखल दे और राजनीतिक दलों को इस संबंध में कड़ा संदेश जारी करे। वह पार्टियों से कहे कि सैन्य बलों से जुड़ी कोई तस्वीर या सामग्री का इस्तेमाल अपने स्वार्थों को सिद्ध करने के लिए न करें।”

दरअसल, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी हमले और उसके जवाब में भारतीय वायु सेना की तरफ से बालाकोट में 26 फरवरी को आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक (हवाई हमले) किए गए थे। दावा किया गया कि उस हमले में तकरीबन 300 से 350 आतंकी मारे गए। हालांकि, इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

वहीं, आईएएफ के विंग कमांडर अभिनंदन के पाक से सही सलामत भारत लौटने के बाद भी सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक कुछ पोस्टर, बैनर और घटनाक्रम नजर आए, जिनकी वजह से केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी और कांग्रेस पर सैन्य बलों के राजनीकिरण करने का आरोप लगा था।