हालात: अडानी को बिना राज्‍यों से चर्चा किए ही सौंप दिए गए देश के छह एयरपोर्ट: रिपोर्ट

मंत्रालय ने पिछली बैठकों में राज्यसभा की समिति को बताया कि एयरपोर्ट अडानी समूह की कंपनी को सौंपे जाने को लेकर राज्यों से बातचीत नहीं हुई थी। 11 जनवरी, 2019 के उसके जवाब के मुताबिक, “प्रक्रिया के अनुसार, एएआई के एयरपोर्ट पीपीपी मोड के जरिए पट्टे पर किसी को देने को लिए जनता से या फिर राज्यों से चर्चा करना जरूरी होता है।”

अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की चेयरपर्सन प्रीति अडानी हैं, जो कि अडानी समूह के चेयरमैन और संस्थापक गौतम अडानी की पत्नी हैं।

जनसत्ता ऑनलाइन के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने देश के छह एयरपोर्ट राज्यों से बगैर चर्चा किए ही अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड को सौंप दिए। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) इन एयरपोर्ट्स का प्रबंधन संभालती है, जिनके बारे में यह जानकारी राज्यसभा की समिति ने नागरिक विमानन मंत्रालय को हाल ही में दी है। ऐसे में केंद्र से इस फैसले पर सवालिया निशान लग सकते हैं कि अडानी समूह की कंपनी को एयरपोर्ट सौंपने से पहले राज्यों और जनता से राय क्यों नहीं ली गई।

‘टीओआई’ की एक खबर के मुताबिक, मंत्रालय ने इस संबंध में हुई दो बैठकों (27 व 28 दिसंबर को) से जुड़ी रिपोर्ट सौंपी है। उसमें कहा गया कि एयरपोर्ट्स पट्टे (लीज) पर देने से पहले राज्यों से नहीं पूछा गया था। दस्तावेजों में लखनऊ, तिरुवनंतपुरम, जयपुर, अहमदाबाद, गुवाहाटी और मंगलौर एयरपोर्ट्स को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के अंतर्गत विकसित व संचालित आदि करने को लेकर विस्तृत ब्यौरा दिया गया था।

दरअसल, कोलकाता के रहने वाले सप्तऋषि देब ने एएआई के तहत आने वाले एयरपोर्ट्स के आधुनिकिकरण को लेकर याचिका दी थी। उसी पर राज्यसभा की समिति ने इस बाबत मंत्रालय से जवाब मांगा है कि एयरपोर्ट पट्टे पर दिए जाने से पहले क्या सलाह (राज्यों से) ली गई थी? हालांकि, मंत्रालय ने इस संबंध में निजीकरण की जरूरत का पक्ष लेते हुए कहा कि पीपीपी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के कारण सर्विस डिलीवरी में बेहतरी आई है। पर उसने यह भी माना कि एयरपोर्ट को पट्टे पर देने से पहले राज्य सरकार या फिर जनता से नहीं पूछा गया था।

मंत्रालय ने पिछली बैठकों में राज्यसभा की समिति को बताया कि एयरपोर्ट अडानी समूह की कंपनी को सौंपे जाने को लेकर राज्यों से बातचीत नहीं हुई थी। 11 जनवरी, 2019 के उसके जवाब के मुताबिक, “प्रक्रिया के अनुसार, एएआई के एयरपोर्ट पीपीपी मोड के जरिए पट्टे पर किसी को देने को लिए जनता से या फिर राज्यों से चर्चा करना जरूरी होता है।” बता दें कि अडानी समूह के चेयरमैन और संस्थापक गौतम अडानी की पत्नी प्रीति अडानी इस कंपनी (अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड) की चेयरपर्सन हैं।