उलझन: बीजेपी ने बनवा लीं सैनिकों, लड़ाकू विमानों और मोदी की तस्‍वीरों वाली साड़ियां; चुनाव आयोग दे चुका है चेतावनी

पार्टी स्थित मुख्यालय के इस स्टोर पर नेताओं के कट-आउट और भगवा-हरे रंग में बीजेपी के ट्रेडमार्क वाले पोस्टर, स्फार्फ, कॉफी मग, बैज, हेयर क्लिप, चूड़ियां, घड़ियां, सनग्लासेज, झंडे, हेलमेट और छतरी आदि प्रचार से जुड़ा सामान मिलता है।

जनसत्ता ऑनलाइन के मुताबिक चुनावी माहौल में इन दिनों मोदी साड़ी ट्रेंड में है। कुछ दिन पहले ये साड़ियां बाजार में आकर्षण का केंद्र बनी थीं। सूरत के एक कारोबारी ने इन्हें डिजाइन किया है।

लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने खास किस्म की साड़ियां बनवाई हैं। सैनिकों, लड़ाकू विमानों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रिंट वाली इन साड़ियों को पार्टी जल्द ही लॉन्च भी कर सकती है। कहा जा रहा है कि बीजेपी इनके बलबूते प्रचार को नई रफ्तार देगी, जबकि हाल ही में चुनाव आयोग (ईसी) ने सभी राजनीतिक दलों को चेताया था कि वे सेना और सैन्यकर्मियों के तस्वीर और नाम का इस्तेमाल न करें।

साड़ियों के बारे में राजस्थान में बीजेपी क्रिएटिव टीम के मुखिया आशीष जैन के हवाले से ‘एचटी’ की रिपोर्ट में कहा गया, “पार्टी ने दो तरह की साड़ियां डिजाइन कराई हैं, जो कि सूरत की मिल में बनी हैं।” खबर के मुताबिक, रविवार (10 मार्च, 2019) को इन्हें राजधानी जयपुर में पार्टी मुख्यालय स्थित आउटलेट (बीजेपी की प्रचार साम्रगी की बिक्री यहीं होती है) पर सबके सामने पेश किया जाएगा। लोकसभा चुनाव के लिए राजस्थान के पार्टी प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर इस आउटलेट का उद्घाटन करेंगे।

आउटलेट के स्टोर मैनेजर श्याम गुप्ता के हवाले से आगे रिपोर्ट में बताया गया कि डिजिटली प्रिंट कराई गई इन साड़ियों की कीमत लगभग 650 रुपए बताई जा रही है, जबकि प्लेन साड़ी 150 रुपए की होगी। बीजेपी महिला मोर्चा अध्यक्ष मधु शर्मा ने कहा, “मोदी जी, जनता के बीच सबसे लोकप्रिय नेता हैं। महिला इकाई इन साड़ियों का ऑर्डर देगी और आम चुनाव के प्रचार को ध्यान में रखते हुए उनका इस्तेमाल करेगी।”

पार्टी स्थित मुख्यालय के इस स्टोर पर नेताओं के कट-आउट और भगवा-हरे रंग में बीजेपी के ट्रेडमार्क वाले पोस्टर, स्फार्फ, कॉफी मग, बैज, हेयर क्लिप, चूड़ियां, घड़ियां, सनग्लासेज, झंडे, हेलमेट और छतरी आदि प्रचार से जुड़ा सामान मिलता है। बकौल गुप्ता, “ये सामग्री ‘नो प्रॉफिट, नो लॉस’ के फंडे पर बेची जाती है। पहले कार्यकर्ताओं को ये सामान बाहर से महंगी दरों पर खरीदना पड़ता था, पर अब उन्हें यह इस स्टोर के जरिए सस्ता मिलता है। चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद इन सामानों की बिक्री बढ़ जाएगी।”