यूपीए शासन में हुई थीं 12 सर्जिकल स्‍ट्राइक, हमने नहीं किया राजनीतिकरण: खड़गे ने साधा निशाना

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को कहा कि दो बार की संयुक्‍त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) की सरकार में 12 बार सर्जिकल स्ट्राइक किए गए लेकिन उनका राजनीतिकरण नहीं किया गया।जनसत्ता ऑनलाइन के अनुसार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बीजेपी पर निशाना साधा है।

सेना द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक को लेकर राजनीतिक पार्टियों की बयानबाजी जारी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को कहा कि दो बार की संयुक्‍त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) की सरकार में 12 बार सर्जिकल स्ट्राइक किए गए लेकिन उनका राजनीतिकरण नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जवानों के शव पर राजनीति कर रही है। कांग्रेस नेता खड़गे हावेरी में पार्टी की रैली को संबोधित करने जा रहे थे ।इस दौरान उन्होंने हुबली एयरपोर्ट पर संवाददाताओं से बातचीत के दौरान यह कहा। उन्होंने कहा कि ‘एनएसएसओ की रिपोर्ट के मुताबिक 38 लाख नौकरियां कम हुईं और 27 लाख नौकरियां का सृजन हुआ है।बीजेपी ने लोगों को 10 करोड़ नौकरियां देने का वादा किया था।’ राज्‍य के डेप्‍युटी सीएम जी परमेश्‍वर ने बताय कि स्‍क्रीनिंग कमिटी की बैठक सोमवार को होगी जिसमें लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार तय किए जाएंगे।

याद हो कि जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर आत्मघाती हमले के बाद 40 जवान शहीद हो गए थे। जिसके जवाब में भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में एटर स्ट्राइक कर जैश ए मुहम्मद के ठिकानों को तहस-नहस कर दिया था। इस एयर स्ट्राइक के बाद तमाम विपक्षी नेताओं ने एयर स्ट्राइक को लेकर सबूत की मांग की थी। बता दें कि राजग सरकार दावा करती आई है कि उनके शासन में सेना का हौसला बढ़ा है और सेना को जवाबी कार्रवाई की पूरी छूट दी गई है। यूपीए के शासन में ऐसा नहीं होता था। इसके जवाब में कांग्रेस बीजेपी पर सेना के इस्तेमाल का आरोप लगाती आई है। कांग्रेस का कहना है कि ऐसी सन्य कार्रवाई यूपीए शासन में भी हुई लेकिन हमने इसका राजनीतिकरण नहीं किया।

बता दें कि हाल ही में राजनाथ सिंह ने कहा था कि पिछले 5 वर्षों में भारतीय सेना ने तीन बार सीमा पार जाकर सैन्य कार्रवाई की है। राजनाथ ने कहा कि वह दो स्ट्राइक की जानकारी तो देंगे लेकिन तीसरी स्ट्राइक के बारे में कुछ नहीं बताएंगे।