अगर जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनाव संभव तो विधानसभा क्यों नहीं?, चुनाव को लेकर विपक्षी दलों का पीएम पर हमला

चुनाव आयोग द्वारा लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तारीखों के ऐलान के साथ ही विवाद भी जारी है। जम्मू-कश्मीर में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव न कराने पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने भी मोदी सरकार पर निशाना साधा है। फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “जम्मू-कश्मीर में सभी दल एक साथ (लोकसभा और विधानसभा) चुनाव कराने के पक्ष में हैं। लेकिन इसके बावजूद विधानसभा के चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं।” उन्होंने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि लोकसभा चुनावों के लिए जम्मू-कश्मीर में हालात अनुकूल है लेकिन राज्य चुनाव के लिए नहीं? उन्होंने पूछा कि स्थानीय निकाय चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए, पर्याप्त बल मौजूद हैं, फिर राज्य चुनाव क्यों नहीं हो सकते?

उन्होंने आगे कहा कि “हम हमेशा से जानते थे कि पाकिस्तान से लड़ाई या झड़प जरूर होगी। सर्जिकल स्ट्राइक (हवाई हमला) किया गया, क्योंकि चुनाव करीब आ रहे हैं। करोड़ों रुपये का एक विमान नष्ट हो गया। यह तो गनीमत है कि पायलट (आईएएफ) बच गया, और सम्मान के साथ पाकिस्तान से लौट आया।”

इससे पहले जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव नहीं कराए जाने पर बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने पीएम मोदी पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “जम्मू-कश्मीर में विधानसभा का आमचुनाव लोकसभा चुनाव के साथ नहीं कराना मोदी सरकार की कश्मीर नीति की विफलता का द्योतक है। जो सुरक्षा बल लोकसभा चुनाव करा सकते हैं वही उसी दिन वहां विधानसभा का चुनाव क्यों नहीं करा सकते हैं? केन्द्र का तर्क बेतुका है और बीजेपी का बहाना बचकाना।”

मायावती ने कहा है कि
“बीजेपी राष्ट्रवाद व राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर लोकसभा चुनाव लड़ने का ताल ठोक रही है। बीजेपी जो चाहे करे लेकिन पहले करोड़ों गरीबों, मजदूरों, किसानों, बेरोजगारों आदि को बताये कि अच्छे दिन लाने व अन्य लुभावने चुनावी वायदों का क्या हुआ? क्या हवा-हवाई विकास हवा खाने गया?”

उन्होंने ये भी कहा कि “जम्मू-कश्मीर में विधानसभा का आमचुनाव लोकसभा चुनाव के साथ नहीं कराना श्री मोदी सरकार की कश्मीर नीति की विफलता का द्योतक है। जो सुरक्षा बल लोकसभा चुनाव करा सकते हैं वही उसी दिन वहाँ विधानसभा का चुनाव क्यों नहीं करा सकते हैं? केन्द्र का तर्क बेतुका है व बीजेपी का बहाना बचकाना है।”

महावती ने बीजेपी निशाना साधते हुए कहा कि”बीजेपी राष्ट्रवाद व राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर लोकसभा चुनाव लड़ने का ताल ठोक रही है। बीजेपी जो चाहे करे लेकिन पहले करोड़ों गरीबों, मजदूरों, किसानों, बेरोजगारों आदि को बताये कि अच्छे दिन लाने व अन्य लुभावने चुनावी वायदों का क्या हुआ? क्या हवा-हवाई विकास हवा खाने गया?”

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा, “जम्मू कश्मीर में केवल लोकसभा चुनाव कराने का फैसला मोदी सरकार की कुटिल सोच है।” उन्होंने ट्वीट किया, “जनता को सरकार नहीं चुनने देना लोकतंत्र के सिद्धांत के खिलाफ है।”

बता दें कि लोकसभा चुनाव के साथ चुनाव आयोग ने एक ओर चार राज्यों में विधानसभा के चुनाव कराने की भी घोषणा की है, लेकिन आयोग ने जम्मू-कश्मीर में विधानसभा भंग होने के बावजूद भी राज्य में चुनाव ना कराने की घोषणा की है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा था कि सुरक्षा की दृष्टि से फिलहाल जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की वोटिंग नहीं कराई जाएगी।