अखबार नामा: आज अजहर मसूद की खबर जोरदार ‘पैकिंग’ में देखने लायक छपी है!

संजय कुमार सिंह

द टेलीग्राफ की डेस्क रिपोर्टिंग। टीवी से खबर। ऐसी खबरें डेस्क ही अच्छे से कर सकता है।

राजस्थान पत्रिका

हिन्दी का अकेला (मैं जो देखता हूं उनमें) अखबार है जिसमें मसूद अजहर की खबर पहले पन्ने पर सिंगल कॉलम है। दूसरी खबर के साथ सिर्फ आठ लाइन में।

नवोदय टाइम्स (लीड का शीर्षक)

मसूद पर फिर चीनी अड़ंगा; अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने पर लगाई रोक; मसूद को वैश्विक आतंकवादी घोषित करना जरूरी : अमरीका

दैनिक जागरण

अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए लाए थे यूएन में प्रस्ताव; चीन के अड़ंगे से मसूद पर नहीं लगा प्रतिबंध

दैनिक भास्कर

पाक का पाखंड – खुद को आतंक पर कार्रवाई करता दिखाया, चीन से जैश सरगना को संरक्षण दिलाया ; चीन ने 10 साल में चौथी बार मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित होने से बचाया

अमर उजाला

आतंकी मसूद अजहर को चीन ने फिर बचा लिया; दस साल में चौथी बार पैंतरेबाजी; संयुक्त राष्ट्र में किया वीटो, जैश सरगना घोषित नहीं हो पाया वैश्विक आतंकी

हिन्दुस्तान

यूएन में वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव को वीटो किया; मसूद अजहर को चीन ने फिर बचाया

नवभारत टाइम्स (लीड नहीं बनाया है)

ग्लोबल फंदे से फिर बचा मसूद, चीन का चौथी बार अड़ंगा

देखकर लग रहा है जैसे किसी एक स्कूल के बच्चों की शीर्षक लगाओ प्रतियोगिता में शर्त रही हो कि इस खबर को पहले पन्ने पर लीड बनाने लायक शीर्षक लगाओ।

आज के अखबारों में हवाई हमले में ‘मार’ दिए गए कुख्यात आतंकवादी अजहर मसूद को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कराने की कोशिशों को झटका लगने की खबर प्रमुख है। वैसे, इसके साथ यह भी बताया गया है कि भारत ने कोशिशें तो पूरी की थीं पर जैसी आशंका थी, चीन ने विरोध किया या अपने वीटो का उपयोग करके ऐसा नहीं होने दिया। मेरे ख्याल से यह सरकारी खबर है। और सूचना से ज्यादा नहीं है। यह लीड बनने लायक खबर नहीं है। इसलिए भी कि भारत की कोशिशें कामयाब नहीं हुईं और इसलिए भी कि अजहर जब बीमार है, शायद मर भी गया है और उसका बेटा इसी रास्ते पर है तो कार्रवाई उसके बेटे के खिलाफ भी होनी चाहिए। पर खबर की ‘पैकिंग’ देखने लायक है।

चेन्नई के एक कॉलेज में राहुल गांधी से लड़कियों के सवाल-जवाब की खबर के साथ कांग्रेस के सत्ता में आने पर महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण करने और बहुप्रतीक्षित महिला आरक्षण विधेयक को पास कराने की घोषणा के साथ रफाल मामले में सुप्रीम कोर्ट में सरकार के पक्ष के साथ इंडियन इंडियन एक्सप्रेस में एक खबर है, सरकार की मुद्रा योजना के तहत श्रम ब्यूरो द्वारा किए गए मुद्रा रोजगार सर्वेक्षण डाटा को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। इसे अगले दो महीने तक सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। हालांकि यह एक्सप्रेस की एक्सक्लूसिव खबर है और दूसरे अखबारों में होने की संभावना वैसे ही कम है।

जहां तक अजहर मसूद की खबर को लीड बनाने का सवाल है, आपको याद होगा कि पाकिस्तानी ‘सूत्रों के अनुसार’ उसे बहुत बीमार बताया गया था। गुर्दे खराब हो गए हैं और यह खबर भी रही कि वह भारतीय हमले में घायल होने के बाद मर गया। हालांकि, ‘हमेशा साथ रहने वाला’ उसका बेटा सुरक्षित बताया गया है और यह भी कि उसे मरा बताने की फर्जी कोशिश उसे अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किए जाने से बचाने के लिए हो सकती है। ऐसे में, आज की खबर में कायदे से पुरानी अटकलों की चर्चा भी होनी चाहिए थी पर उसकी उम्मीद नहीं है। मैंने पढ़ी नहीं। आज कोई दूसरी खबर नहीं होती तो इसे लीड बनाना अलग बात थी पर कई दूसरी खबरें हैं, जो लीड बन सकती थीं।

हिन्दुस्तान टाइम्स ने बोइंग 737 एमएएक्स 8 विमानों को नहीं उड़ाने के सरकार के फैसले से हवाई यात्रियों को होने वाली परेशानी की खबर को लीड बनाया है। अजहर मसूद की खबर को पहले पन्ने से पहले के अधपन्ने पर छापा है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने इसे लीड बनाया है लेकिन पहले पन्ने पर आधे में विज्ञापन होने के बावजूद सेकेंड लीड दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठजोड़ की खबर है। पहले छप चुका है कि इस बारे में फैसला हो गया या तालमेल नहीं हो पाया और दोनों अलग लड़ेंगे। पर टाइम्स की आज की खबर के मुताबिक, कांग्रेस अपने 52,000 कार्यकर्ताओं की राय ले रही है। टाइम्स ने राजनीतिक गतिविधियों की खबर इसके साथ छाप दी है जिनका विस्तार अंदर है। इसमें यह भी बताया है कि राहुल ने महिलाओं के लिए आरक्षण की घोषणा की है। टीओआई ने मुंबई में आम आदमी पार्टी की खबर को प्रमुखता देने की बजाय इस शीर्षक को सेकेंड लीड बनाया है।

अंग्रेजी अखबारों में द टेलीग्राफ ने राहुल की खबर को लीड बनाया है। शीर्षक है, “राहुल ने महिलाओं के लिए 33% नौकरियां आरक्षित करने का वादा किया”। खबर में कहा गया है कि यह वादा सभी सरकारी नौकरियों के लिए है। राहुल ने इसके साथ बहु प्रतीक्षित महिला आरक्षण विधेयक को भी पास कराने का वादा किया। द हिन्दू में यह खबर पहले पन्ने पर नहीं है। द इंडियन एक्सप्रेस में यह खबर पहले पन्ने पर नहीं है। हिन्दू ने रफाल मामले में सुप्रीम कोर्ट में सरकार के रुख को लीड बनाया है। शीर्षक है, रफाल मामले में सूचना दुश्मनों के पास है। अजहर की खबर हिन्दू में सेकेंड लीड है। पर महिला आरक्षण की खबर यहां नहीं है। हिन्दू में पहले पन्ने पर एक और प्रमुख खबर है कि भारतीय जनता पार्टी और असम गण परिषद ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने मतभेद दूर कर लिए हैं। दोनों दल दो महीने पहले नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2016 को लेकर अलग हो गए थे और अब फिर मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। यह खबर हिन्दुस्तान टाइम्स में भी पहले पन्ने पर है।

इंडियन एक्सप्रेस ने ही 22 फरवरी को खबर दी थी कि एनडीए सरकार ने बेरोजगारी पर नेशनल सैम्पल सर्वे ऑफिस (एनएसएसओ) की रिपोर्ट को खारिज कर दिया है और उसकी योजना लेबर (श्रम) ब्यूरो के सर्वेक्षण के नतीजों का उपयोग करने की है। आज उसका फॉलो अप छापा है। क्या यह खबर आपको आपके हिन्दी अखबार में दिखी? एक्सप्रेस ने लिखा है कि, शुक्रवार को एक्सपर्ट कमेटी ने ब्यूरो से कुछ गलतियां सुधारने के लिए कहा और इसके लिए ब्यूरो ने दो महीने मांगे हैं। समिति की इस चर्चा को अभी केंद्रीय श्रम मंत्री की मंजूरी नहीं मिली है।

द टेलीग्राफ ने एक खबर को पहले पन्ने पर लीड से ऊपर छापा है। खबर है कि, राहुल गांधी ने बुधवार को चेन्नई के स्टेला मारिस कॉलेज की छात्राओं से बात की। इसमें कइयों ने उनसे कई विषय़ों पर बात की, सवाल पूछे। एक सवाल रॉबर्ट वाड्रा पर भी। राहुल गांधी ने उसे भी कायदे से हैंडल किया और जैसा कि एनडीटीवी ने कहा, गोलमोल जबाव देकर पुडुचेरी को वणक्कम नहीं कहा। द टेलीग्राफ की इस खबर के अनुसार राहुल गांधी ने जवाब देकर पूछा, आपमें से कितनों को यह मौका मिला है कि प्रधानमंत्री से कोई सवाल पूछ सकें। यही नहीं उन्होंने यह भी पूछा कि आपने कितनी बार प्रधानमंत्री को इतनी महिलाओं के बीच इस तरह खड़े और किसी के भी किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार देखा है? महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का राहुल का वादा टेलीग्राफ में लीड है। शीर्षक है, “राहुल ने महिलाओं के लिए 33% नौकरियां आरक्षित करने का वादा किया”। खबर में कहा गया है कि यह वादा सभी सरकारी नौकरियों के लिए है। राहुल ने इसके साथ बहु प्रतीक्षित महिला आरक्षण विधेयक को भी पास कराने का वादा किया। हिन्दू और इंडियन एक्सप्रेस में यह खबर पहले पन्ने पर नहीं है।

अपुष्ट खबर अस्पष्ट सूचनाओं के साथ

दैनिक जागरण में आज खबरों के पहले पन्ने पर काफी विज्ञापन है। इसलिए दो पहले पन्ने बनाए हैं। पहले वाले पहले पन्ने पर अजहर की खबर ही लीड है लेकिन इस पर और खबर है जो किसी और अखबार में इतनी प्रमुखता से नहीं दिखी। अखबार ने चार कॉलम में छापा है, एयर स्ट्राइक में ढेर हुए दो सौ आतंकी, वीडियो वायरल। जेएनएन की इस खबर में अखबार ने बताया है कि इस वीडियो को किसने जारी किया, इसमें क्या है और कितनी देर का है पर साथ ही यह भी लिखा है कि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।

अखबार की इस खबर में समाचार एजेंसी एएनआई का भी हवाला है और उसका दावा बताया गया है कि वीडियो उर्दू में काफी वायरल हो रहा है और यह भी कि उर्दू मीडिया के अनुसार एयर स्ट्राइक के बाद कई लाशों को बालाकोट से खैबर पख्तूनख्वा भेजा गया था। पर वीडियो में दिखाया गया है कि पाकिस्तानी सेना के जवान कह रहे हैं कि हमारे 200 से ऊपर लोग शहीद हुए हैं। इससे यह पता नहीं चलता है कि ‘शहीद होने वाले’ पाकिस्तानी सेना के है, आतंकवादी शिविर के हैं या आम नागरिक। परिवारी जन और बच्चे वीडियो में बिलखते नजर आ रहे हैं से भी समझ में नहीं आता है कि आतंकवादी शिविर में बच्चे औऱ परिवारी जन कैसे आ गए। इस दावे के बावजूद कि वहां किसी को जाने नहीं दिया जा रहा है।

वीडियो से अलग, इस खबर में लिखा है, … यह स्पष्ट है कि पाकिस्तान कुछ बड़ा छुपा रहा है। वहां पर स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया को घुसने नहीं दिया जा रहा है। जागरण ने कुछ दिन पहले भी खबर छापी थी कि पाकिस्तान हमले वाली जगह पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया को घुसने नहीं दे रहा है पर वह खबर भी मुझे उस दिन कहीं और नहीं दिखी थी। अखबार ने यह वीडियो जारी करने वाले के हवाले से भी लिखा है, पाकिस्तान बालाकोट में भले ही सिर्फ पेड़ों के नुकसान का दावा कर रहा हो लेकिन उसने पूरे इलाके को घेरा हुआ है। जागरण का दूसरा पहला पन्ना बिना विज्ञापन का है। और दोनों पहले पन्ने पर बहुत सारी खबरें नहीं हैं जो दूसरे अखबारों में पहले पन्ने पर है। कहने की जरूरत नहीं है कि जागरण के इन दो पन्नों पर खबरें कम नहीं हैं ऐसी ही एक खबर को पढ़ कर नहीं लगा कि बाकी को पढ़ने लायक होंगी। खबर आप भी पढ़ सकते हैं। स्क्रीन शॉट देखें।

साभार: वरिष्ठ पत्रकार और अनुवादक संजय कुमार सिंह की रिपोर्ट वाया भड़ास4मीडिया